परवाणू (सोलन)। हिमाचल पथ परिवहन निगम ने परवाणू में बस चालकों के लिए अनोखा फरमान जारी किया है। इसके अनुसार क्षेत्र के सबसे बड़े ईएसआई अस्पताल के समीप मुख्य सड़क पर बसों को नहीं रोकने के आदेश दिए हैं।
आदेशों में यह भी कहा गया है कि यदि कोई चालक वहां पर बस रोकता है तो चालान का वह खुद जिम्मेवार होगा। यह आदेश बीते 5 नवंबर को दिए गए हैं। चालकों और आम जनता की जानकारी के लिए इन आदेशों को बस अड्डे पर भी चस्पां कर दिया गया है।
हैरानी की बात यह है कि जिस जगह परिवहन निगम ने सरकारी बसों को रोकने की मनाही की है, वहां पर रोजाना धड़ल्ले से निजी बस संचालक सवारियां भर रहे हैं। यही नहीं परिवहन निगम की बसें यहां पर न रुकने से सवारियां भी परेशान हो रही हैं।
यहां से करीब 500 मीटर दूर नया बस अड्डा है। ऐसे में स्थानीय गांव से परिवहन निगम की बसों में आने वाले मरीजों को न तो वहां पर उतारा जा रहा है और न ही चढ़ने दिया जा रहा है।
उन्हें बस अड्डे पर पहुंचना पड़ रहा है। उधर, परवाणू बस अड्डा प्रभारी दिलबाग सिंह ने बताया कि पिछले कुछ समय से बसों के हुए चालानों के लिए हाल ही में लगभग 9,500 रुपये जमा करवाए गए हैं। उनका कहना है कि निजी बसें भी वहां पर रुकती हैं लेकिन उनके चालान नहीं हो रहे हैं। संवाद
2011 में बनाया था ईएसआई के पास बस स्टॉप
परवाणू में वर्ष 2011 में स्थायी बस अड्डा न होने के कारण लोगों को सड़क के किनारे खड़े होकर आने जाने वाली बसों का इंतजार करना पड़ता था। इसके चलते नगर परिषद ने ईएसआई अस्पताल के पास एक अस्थायी बस स्टॉप का निर्माण किया था। परवाणू ईएसआई अस्पताल में सैकड़ों लोग जिनमें बुजुर्ग और महिलाएं शामिल हैं, यहीं से बसें पकड़ते हैं। यहां से नया बस अड्डा करीब आधा किलोमीटर दूर है।
हो रही है भारी परेशानी
परवाणू ईएसआई के समीप अस्थायी बस स्टॉप पर बस के इंतजार में खड़े 60 वर्षीय बुजुर्ग उमादत्त ने बताया कि जिन लोगों को परिवहन की बस में ही जाना होता है, उन्हें यहां बस न रुकने से भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। परिवहन निगम की बसें सवारियों को नए बस स्टैंड पर ही उतार और चढ़ा रही हैं। इससे मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
जनवरी 2022 से लेकर अब तक परिवहन निगम के मात्र दो चालान हुए हैं। बस स्टॉप से सवारियां उठाने पर चालान नहीं किया जाता है। चालान की कोई और वजह हो सकती है। इसकी जांच की जाएगी।
प्रणव चौहान, डीएसपी परवाणू