नालागढ़ की श्रुति ने कठिन परिस्थितियों और व्यक्तिगत परेशानियों को पीछे छोड़ते हुए प्रदेशभर में मेरिट सूची में चौथा स्थान हासिल किया है। श्रुति की यह सफलता सामान्य नहीं है। बचपन में ही सिर से मां का साया उठ गया। वर्ष 2024 में सांप से काटने से पिता का भी देहांत हो गया। माता-पिता के न होने के बावजूद श्रुति ने हिम्मत नहीं हारी और कठिन परिश्रम नहीं छोड़ा। श्रुति की परवरिश उनके 72 वर्षीय दादा राम स्वरूप और 60 वर्षीय दादी कौशल्या देवी कर रही हैं।
रामशहर क्षेत्र के गोयला बस्सी की ढकरियाना पंचायत के रहने वाले दादा रामस्वरूप पेशे से किसान हैं और दादी कौशल्या देवी गृहिणी हैं। घर की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद उन्होंने श्रुति की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। श्रुति की बड़ी बहन प्रिया ठाकुर अपनी छोटी बहन के लिए प्रेरणा और सहारा बनीं। श्रुति की स्कूल की फीस का इंतजाम प्रिया को मिलने वाली छात्रवृत्ति से होता रहा। प्रिया ने भी इसी साल 12वीं कक्षा की परीक्षा पास की है और कॉलेज में पढ़ रही हैं। पढ़ाई के प्रति समर्पित श्रुति ने बताया कि वह रात का खाना खाने के बाद देर रात तक पढ़ाई करती थी।
सुबह भी जल्दी उठकर रिविजन किया करती थी। उपलब्धि का श्रेय उन्होंने अपने दादा-दादी, बहन और शिक्षकों को दिया है। भविष्य के बारे में बात करते हुए श्रुति ने कहा कि वह वकील बनना चाहती हैं। उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नालागढ़ में 11वीं कक्षा में प्रवेश लिया है। श्रुति ने दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में 696 अंक हासिल कर प्रदेश की मेरिट लिस्ट में चौथा स्थान हासिल कर नाम चमकाया है। श्रृति ने कहा कि परीक्षा के लिए खूब मेहनत की थी। इसी मेहनत का परिणाम अब सामने आया है।