शिमला-चायल मार्ग पर जनेड़घाट में वन भूमि (सेंच्यूरी एरिया) पर अतिक्रमण करने वालों पर विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अवैध कब्जों को लेकर जारी नोटिसों का संतोषजनक जवाब न देने पर 6 दुकानों, 6 मकानों व एक किराए पर चल रहे बैंक भवन का बिजली, पानी का कनेक्शन काट दिया गया है।
वहीं वन विभाग ने अंतिम नोटिस जारी करते हुए अवैध भवन को गिराने के आदेश दिए हैं। यदि तय सीमा के अंदर भवन नहीं गिराए गए तो वन विभाग कार्रवाई करते हुए इन भवनों को खुद गिराएगा। वहीं भवन गिराने में लगी लागत भी अतिक्रमणकारियों से वसूलेगा। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
चायल की तर्ज पर जनेड़घाट भी महाराजा पटियाला की शाही फरमान से बनाया गया है। प्रभावित भारत भूषण, रोशन लाल, भगत राम, हेमराज, लायक राम ने बताया कि हमारे परिवार यहां पर करीब 80-90 वर्ष से रह रहे हैं। वन विभाग को हम लोग 1964 से लेकर 1978 तक रेंट देते थे। इसके हमारे पास कागजात है।
इस बाजार में 6 भवन 6 दुकानों सहित एक को-ऑपरेटिव सोसायटी के भवन में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा है। इन लोगों की यहां पर चौथी पुश्त है। वन्यप्राणी विभाग चायल ने बिजली पानी के कनेक्शन काट दिए हैं। यह लोग अंधेरे में रह रहे हैं। वन्य जीव प्राणी विभाग ने भवनों को खाली कराने के नोटिस थमा दिए हैं।
वन्य प्राणी विभाग के आरओ कमलेश शर्मा ने बताया कि विभाग की ओर से अतिक्रमण करने वाले लोगों को नोटिस जारी किया गया था। उसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए बिजली, पानी के कनेक्शन काटे हैं। बताया कि विभाग ने उन्हे घर खाली करने के नोटिस भी जारी कर दिए हैं। समय से ऐसा न करने पर विभाग की ओर से स्वयं अतिक्रमण को हटाया जाएगा जिसका खर्चा भी उन्हीं को देना होगा।