एक ओर जहां नोटबंदी से कारोबारी मंदी का दंश झेलने को मजबूर हैं। वहीं परवाणू-बद्दी बैरियरों पर आबकारी एवं कराधान विभाग के सर्वर में शनिवार रात 10 बजे से आई खराबी के कारण मालवाहक वाहनों को रूकने पर मजबूर कर दिया। सर्वर की खराबी के कारण प्रदेश में आने वाले वाहनों व प्रदेश से बाहर जाने वाले वाहनों के 26 नंबर फार्म की ऑनलाइन डिक्लेरेशन का कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है।
इस कारण बैरियरों पर मालवाहक वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें रविवार को लगी रही। सर्वर के दुरूस्त न होने व बैरियर पर बिगड़ते हालात को देखते हुए विभाग ने रविवार दोपहर बाद 26 नंबर फार्म की मैन्युअल डिक्लेरेशन के निर्देश जारी किए हैं। इसके बावजूद बैरियरों पर प्रदेश के बाहर व अंदर जाने वाले मालवाहक वाहनों को घंटों इंतजार करना पड़ा है। विभाग द्वारा जल्द ही सर्वर को ठीक किए जाने की बात कही जा रही है।
बीबीएन और परवाणू बैरियरों से रोजाना छह हजार ट्रक उद्योग व अन्य कारोबारी गतिविधियों के लिए प्रवेश व निकासी करते हैं। विभाग के सर्वर में खराबी के कारण दोनों ही शहरों में बैरियरों पर पांच से 10 किलोमीटर के बीच ट्रकों को 26 नंबर फार्म की ऑनलाइन डिक्लेरेशन के लिए घंटों इंतजार के लिए रूकना पड़ा है।
आबकारी एवं कराधान विभाग के संयुक्त निदेशक केके शर्मा ने कहा कि सर्वर की खराबी को जल्द ठीक कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समस्या को देखते हुए बैरियरों पर अतिरिक्त ईटीओ तैनात करते हुए मैन्युअल फार्म भरने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है।
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ ट्रक यूनियन के प्रधान विद्या रतन चौधरी ने कहा कि यूनियन के 2500 व बाहर से करीब 1500 ट्रक रोजाना औद्योगिक क्षेत्र से आवागमन करते हैं। सर्वर में खराबी के कारण इनका बैरियरों पर निकलना मुश्किल है।
किसी भी कारोबारी गतिविधि के लिए 26 नंबर फार्म को भरना अनिवार्य रहता है। विभाग द्वारा पिछले एक साल से इस फार्म के माध्यम से ऑनलाइन डिक्लेरेशन की व्यवस्था को शुरू किया गया है। बिना ऑनलाइन डिक्लेरेशन किसी भी माल को ले जाने पर उसे टैक्स चोरी में गिना जाता है। ऐसे में उद्यमियों के लिए भी डिक्लेरेशन की यह मैन्युअल व्यवस्था परेशानी का सबब बनी है।