हिमाचल होम गार्ड बैंड और अन्य होमगार्ड एसोसिएशन की बैठक उपप्रधान नंदलाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें सेवानिवृत्त बैंड कर्मचारी और अन्य गृह रक्षकों ने सरकार द्वारा उनकी अनदेखी करने पर रोष जताया है।
वक्ताओं ने कहा कि एक आम कर्मचारी गृह रक्षक के पद पर 40 साल सेवा करने के बाद भी पेंशन का अधिकारी नहीं हो पाता। वहीं जनता का सेवक कहलाने वाले विधायक और मंत्री मात्र पांच साल सत्तासीन होने के बाद पेंशन के हकदार हो जाते हैं। गृह रक्षक जन सेवक बनकर जनता की सेवा करने की शपथ लेकर कार्य करता है। दूसरी और विधायक और मंत्री भी जन सेवक बनकर सेवा करने की शपथ लेने के पश्चात भारी भरकम वेतन और पेंशन का हकदार बन जाता है।
गृह रक्षक को 40 वर्ष जन सेवा करने के पश्चात घर में मजदूरी कर बच्चों को पालने के लिए बाध्य होना पड़ता है। मात्र पांच वर्ष के कार्यकाल के पश्चात नेताओं के परिवार को ताजिंदगी कोई भी कार्य करने की आवश्यकता नहीं होती। सरकार से मांग की है कि कुछ इस प्रकार की नीति बनाए की सेवानिवृत्त गृह रक्षकों को कुछ पेंशन प्राप्त हो। इससे वह अपने परिवार का भरण पोषण इज्जत पूर्वक कर सके। इस मौके पर शीश राम, मनसा राम, बालक राम, किरपा राम, रामलाल, हरिदत्त, रमेशचंद, वीर सिंह और अन्य मौजूद रहे।