कलाकृतियों की सुंदरता पर लग रहा ग्रहण
आकर्षक लगती थीं जगमगाती लाइटें, पर्यटक होते थे खुश
मां शूलिनी मेले में ही होती हैं ठीक, अन्य दिनों में नहीं देता कोई ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर के मालरोड पर राजकीय वरिष्ठ कन्या विद्यालय की दीवार पर बनाई गई ठोडा कलाकृतियों की सुंदरता बढ़ाने के लिए लगाई गई लाइटें इन दिनों खराब पड़ी हैं। इससे रात को कलाकृतियों की सुंदरता अंधेरे में नहीं दिखती है। वहीं कलाकृतियों में घास भी उगना शुरू हो गया है। मगर इस ओर नगर निगम कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अब कलाकृतियों के आसपास घास भी उगती जा रही है। इससे शहर की सुंदरता पर भी ग्रहण लगता जा रहा है।
दीवार पर ऐतिहासिक ठोडा नृत्य कलाकृतियां होने से यह आकर्षण केंद्र रहती हैं। यहां से निकलते हुए अकसर पर्यटक रुककर फोन में इसे कैद करते हैं। लेकिन वर्तमान में लाइट खराब होने से पर्यटकों की इस पर अंधेरे में नजर नहीं पड़ रही है। हैरत की बात है कि इस लाइट को साल में केवल एक बार ही ध्यान दिया जाता है। तीन दिवसीय मां शूलिनी मेले के दौरान यह लाइटें निगम की ओर से ठीक करवाई जाती हैं और उसके बाद से निगम इन लाइटों की कोई सुध नहीं लेता है। ऐसे में ज्यादातर यह लाइटें खराब ही रहती हैं।
गौर रहे कि शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए निगम की ओर से स्कूल के बाहर ऐतिहाासिक ठोडा नृत्य कलाकृतियां बनाई गई हैं। इसकी सुंदरता को चार चांद लगाने के लिए निगम की ओर से लाइटें भी लगाई है। रात को जगमगाती हुई लाइटें लोगों का मनमोहती थी।
इनसेट
आचार संहिता हटने के तुरंत बाद टेंडर लगाकर पेंट आदि कार्य करवाया जाएगा। इसके लिए योजना तैयार की जा रही है। कलाकृतियों के पास लगी लाइटों को भी ठीक करवाया जाएगा।
-ऊषा शर्मा
महापौर, नगर निगम सोलन