नालागढ़ में आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा व विधायक हरदीप बावा सांस्कृतिक कार्यक्रम करने वाले छात्र
नालागढ़ में आयुष मंत्री ने किया प्रत्यूषा परियोजना का शुभारंभ
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वस्थ रहने के लिए हर आयुवर्ग के व्यक्ति को अपने खान-पान में सुधार करना अनिवार्य है। उन्होंने जोर दिया कि आयुर्वेद के नियमों के अनुसार ऋतु आधारित पौष्टिक भोजन का सेवन करने से बीमारियां कोसों दूर रहती हैं। सोमवार को राजकीय महाविद्यालय नालागढ़ में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयुष मंत्री ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की और प्रत्यूषा परियोजना के तहत सूचना एवं शिक्षा सामग्री का शुभारंभ किया। आयुष मंत्री ने कहा कि आईआरजी ने नेस्ले आरएंडडी के सहयोग से प्रत्यूषा परियोजना शुरू की है। इसका मुख्य उद्देश्य समुदाय में कुपोषण को कम करना और लोगों को पारंपरिक आयुर्वेदिक भोजन व आयुष आहार के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि रागी, ज्वार, बाजरा और जौ जैसे अनाज प्राचीन काल से हमारी थाली का हिस्सा रहे हैं, जो दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं। सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए यादविंदर गोमा ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए हिमाचल सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। गाय के दूध पर 51 रुपये और भैंस के दूध पर 61 रुपये प्रति लीटर का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है।सरकार ने प्राकृतिक खेती से उगाई गई मक्की, गेहूं और हल्दी के समर्थन मूल्य में भी वृद्धि की है।
आधुनिक जीवनशैली में आयुर्वेद जरूरी : हरदीप बावा
इस अवसर पर नालागढ़ के विधायक हरदीप बावा ने कहा कि वर्तमान समय की स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए आयुर्वेदिक प्रथाओं और पारंपरिक खानपान को अपनाना ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जंक फूड को छोड़कर अपनी समृद्ध खाद्य परंपराओं की ओर लौटें।
नालागढ़ में आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा व विधायक हरदीप बावा सांस्कृतिक कार्यक्रम करने वाले छात्र