300 किमी चलने पर 2 हजार का अतिरिक्त डीजल हो रहा खर्च
बीबीएन से राजस्थान तक जाते हैं ट्रक
ओमपाल सिंह
बद्दी (सोलन)। उत्तर भारत में छाये घने कोहरे ने आम जनजीवन के साथ-साथ रबी की फसलों और परिवहन कारोबार की कमर तोड़ दी है। प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) से बाहर जाने वाले ट्रकों पर कोहरे का दोहरी मार पड़ रही है। विजिबिलिटी कम होने के कारण ट्रक धीमी गति से चल रहे हैं, जिससे दिल्ली तक के एक चक्कर में 2000 रुपये से अधिक का अतिरिक्त डीजल फूंका जा रहा है। कोहरे के कारण ट्रक ऑपरेटरों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ट्रक चालकों का कहना है कि कोहरे में गाड़ियां टॉप गियर के बजाय लो गियर में चलानी पड़ रही हैं। जो ट्रक पहले एक लीटर डीजल में 4 किलोमीटर का सफर तय करता था, वह अब कोहरे के कारण महज ढाई से पौने तीन किलोमीटर ही चल पा रहा है। ट्रक अपने निर्धारित समय से एक दिन की देरी से गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। हालांकि, भाड़े में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिससे यह पूरा आर्थिक बोझ ट्रक संचालकों की जेब पर पड़ रहा है।
फसलों पर संकट, पीली पड़ने लगी गेहूं
कोहरे का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि खेतों में भी दिखने लगा है। धूप न खिलने और कोहरे के लंबे समय तक टिके रहने से गेहूं की फसल पीली पड़ने लगी है। जानकारों का कहना है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई, तो रबी की फसल के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
कोट
300 किलोमीटर की दूरी तय करने पर एक ट्रक में लगभग 2000 रुपये का अतिरिक्त डीजल खर्च हो रहा है। कोहरा राजस्थान के बॉर्डर तक बना हुआ है, जिससे ट्रक समय पर भी नहीं पहुंच पा रहे हैं।- विद्यारतन चौधरी, प्रधान, बद्दी ट्रक यूनियन।
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फिलहाल किसी भी उद्योग में कच्चे माल की कमी के कारण उत्पादन ठप होने की सूचना नहीं है। उद्यमी आमतौर पर 10-15 दिन का स्टॉक एडवांस में रखते हैं, जिससे काम सुचारू रूप से चल रहा है।-वाईएस गुलेरिया, अध्यक्ष, बीबीएनआईए