क्षेत्रीय अस्पताल में सरकारी लैब में टेस्ट करवाने के लिए काउंटर पर लग रहीं कतारें
रक्त से संबंधित सैंपलों का होता है मशीन में परीक्षण
कई बार आ चुकी है खराबी, कंपनी नहीं दे रही ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल के क्रस्ना लैब में लगी बायोकेमिस्ट्री मशीन फिर खराब हो गई है। इस कारण मरीजों को दोपहर 12:00 बजे के बाद टेस्ट करवाने के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। हैरत की बात तो यह है कि यह मशीन पहले भी चार से पांच बार खराब हो चुकी है। क्रस्ना लैब प्रबंधक इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इससे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सुबह 9:30 से दोपहर 12:00 बजे तक तो सरकारी लैब में मरीजों के रक्त से संबंधित टेस्ट हो रहे हैं। इसके बाद मरीजों को या तो निजी लैब में जाना पड़ रहा है या अगले दिन फिर टेस्ट करवाने का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकारी लैब में टेस्ट करवाने के लिए बिल काउंटर पर भी कतारें लग रही हैं। मशीन सोमवार से खराब चल रही है। इसकी जानकारी लैब प्रबंधक ने अस्पताल प्रशासन को भी नहीं दी है। हालांकि मशीन के खराब होने के बाद तकनीशियन को बुलाया गया है। यह पता नहीं है कि तकनीशियन कब आकर मशीन की जांच करेगा।
गौर रहे कि क्षेत्रीय अस्पताल जिला का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पर सोलन ही नहीं बल्कि जिला शिमला और सिरमौर से भी मरीज इलाज करवाने के लिए आते हैं। मरीजों को रक्त से संबंधित टेस्ट चिकित्सकों की ओर से लिखे जाते हैं।
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कई मरीजों को पंजीकरण काउंटर से लौटाया
क्रस्ना लैब में आपातस्थिति में सामान्य टेस्ट करवाने आए कुछ मरीजों को पंजीकरण काउंटर से लौटा दिया। साथ ही मरीजों को आगामी दिनों में आने के लिए कहा। इसके बाद मरीजों को मजबूरी में निजी लैब में जाकर टेस्ट करवाने पड़े। रिपोर्ट आने के बाद चिकित्सकों को दिखाने पर उपचार मिला।
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क्रस्ना में इन टेस्ट से मरीज वंचित
क्रस्ना लैब में बायोकेमिस्ट्री मशीन से मेजर टेस्ट जैसे एलएफटी, आरएफटी और अन्य टेस्ट होते हैैं। क्षेत्रीय अस्पताल में स्थापित लैब में अस्पताल के ही नहीं बल्कि धर्मपुर, परवाणू, कंडाघाट से भी रक्त सैंपल जांच के लिए आते हैं। हालांकि दावा किया जा रहा है कि कई मरीजों के सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें परीक्षण के लिए शिमला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट के लिए चार दिन का इंतजार करना पड़ेगा।
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लैब प्रबंधक को मशीन को जल्द ठीक करवाने के लिए कहा गया है। अगर समय पर मशीन ठीक न हुई तो लैब प्रबंधक पर नियमानुसार कार्रवाई होगी और उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा। अस्पताल में सुबह 9:30 से दोपहर 12:00 तक सरकारी लैब में रक्त से संबंधित टेस्ट सुचारु रूप से हो रहे हैं।
-डॉ. राजन उप्पल, अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक, सोलन