टीम में पांच एनसीसी कैडेट्स व पांच माई भारत वॉलंटियर होंगे शामिल
गांव-गांव में जाकर करेंगे जागरूक, 2030 तक प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य, चयन प्रक्रिया शुरू
निशिल मेहता
सोलन। हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे क्षय रोग (टीबी) मुक्त अभियान के तहत हर स्वास्थ्य खंड से 10 वॉलंटियर को चुना जाएगा। विभाग की ओर से तैयार की जा रही इस टीम में पांच राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेट्स और पांच माई भारत वॉलंटियर को शामिल किया जाएगा। वहीं टीम बनने के बाद इन्हें टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
टीबी मुक्त अभियान को तेज करने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए जा रहे टीबी कैंप में एनसीसी कैडेट्स और माई भारत वॉलंटियरों को जोड़ने का निर्णय लिया गया है। विभाग की ओर से लगाए जा रहे टीबी कैंपों से पहले यह टीमें लोगों को जागरूक करने का काम करेंगी। इसका मुख्य उद्देश्य टीबी मुक्त अभियान को तेज करना और प्रदेश को क्षय रोग से मुक्त करना है। प्रदेश भर में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविर गांव-गांव में जाकर लगाए जाएंगे। इसमें जागरूकता रैली, नुक्कड़ नाटक जैसी गतिविधियों को शामिल किया जाएगा। लोगों को टीबी की जानकारी से अवगत कराया जाएगा। प्रदेश में विभाग की ओर से लगाए जा रहे शिविरों में जांच के बाद कई नए टीबी मरीज सामने आने लगे हैं। सरकार और विभाग का लक्ष्य प्रदेश को 2030 तक टीबी मुक्त बनाना है।
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हर साल प्रदेश में आते हैं करीब 20 हजार टीबी मरीज
विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेशभर में हर साल करीब 20 हजार नए टीबी मरीज पाए जा रहे हैं। वहीं टीबी मुक्त अभियान के तहत अब यह आंकड़ा और अधिक बढ़ने लगा है। वहीं विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समय पर टीबी मरीजों का पता चलने से उनका उपचार भी समय रहते किया जा सकता है। इससे टीबी मुक्त प्रदेश बनाने में मदद मिलेगी।
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अब टीबी मुक्त अभियान के तहत एनसीसी कैडेट्स के साथ माई भारत वॉलंटियर को भी जागरूकता टीम में शामिल किया जा रहा है। टीमों की चयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके बाद इन्हें लोगों को जागरूक करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे टीबी जांच शिविरों में पहुंचने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि होगी।
-डॉ. अजय पाठक मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग सोलन