फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Solan News: जिले में लगातार बढ़ रहा टीबी मरीजों का आंकड़ा, 1000 के पार

विज्ञापन
विज्ञापन
तीन मरीज एमडीआर के सामने आने से मचा हड़कंप, विभाग की चिंता बढ़ी
विज्ञापन

मार्च से शुरू हुआ था टीबी जांच का अभियान, 1500 पहुंचा मरीजों का आंकड़ा
डॉक्टरों का तर्क, जांच में लापरवाही और प्रदूषण भी माना जा रहा कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में टीबी के मरीजों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। मार्च से अब नए मरीजों की संख्या 1000 के पार पहुंच गई है। वहीं अभियान के तहत अब तीन नए बहु-दवा प्रतिरोधी तपेदिक (एमडीआर) टीबी के मरीज सामने आने से विभाग की चिंता बढ़ गई है। अभियान के तहत जिले में अब तक एमडीआर टीबी के कुल 32 नए मरीज सामने आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मार्च में यह अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत जिले के अति संवेदनशील गांव में लोगों की टीबी जांच करना था। इसके बाद अभियान को अन्य गांव में भी नियमित रूप से चलाया जा रहा है। इसके तहत विभाग गांव-गांव में जाकर लोगों की टीबी जांच कर रहा है। जिले में जनवरी से अब तक टीबी मरीजों का आंकड़ा करीब 1500 तक पहुंच गया है। वहीं विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में हर साल टीबी मरीजों की संख्या 2000 के करीब पहुंच जाती है। वहीं इनमें एमडीआर टीबी के मरीज 40 तक पहुंच जाती है। विभाग का लक्ष्य प्रदेश को 2030 तक टीबी मुक्त बनाना है, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण लक्ष्य पूरा करना विभाग के लिए भी मुश्किल हो गया है। वहीं डॉक्टरों के अनुसार लोग टीबी की जांच करवाने के लिए स्वयं आगे नहीं आते हैं। ऐसे में जब विभाग की टीम उनकी जांच कर रही है, तो उनमें टीबी पाया जा रहा है। वहीं प्रदूषण वाले क्षेत्रों में इन मरीजों की संख्या ज्यादा है।
विज्ञापन


इनसेट
प्रतिदिन लगा रहा जिले में छह शिविर

जिले में विभाग की ओर से अब टीबी मुक्त अभियान के तहत प्रतिदिन छह शिविर लगाए जा रहे हैं। जिले के हर स्वास्थ्य खंड में एक शिविर रोजाना लगाया जा रहा है। इसका उद्देश्य जिले में बचे हुए टीबी के मरीजों की समय पर जांच करना है।
विज्ञापन


कोट
क्षय रोग (टीबी) मुक्त अभियान 2.0 के तहत हुई जांच में टीबी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लोग टीबी की जांच के लिए अभी स्वयं आगे नहीं आ रहे हैं। विभाग की ओर से गांव-गांव जाकर लोगों की टीबी की जांच की जा रही है। टीबी के मरीजों का पहले पता लगे, तो समय पर इलाज संभव हो सकता है। जिले में हर साल 2000 के करीब टीबी के मरीज सामने आ जाते हैं। इनमें 35 से 40 एमडीआर के मरीज भी शामिल है।

डॉ. अजय पाठक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें