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Solan News: जन औषधि केंद्र का 2023 में एक्सपायर हो गया था लाइसेंस, नहीं करवाया रिन्यू

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राज्य दवा विभाग के लाइसेंस अथॉरिटी ने भी नहीं दिया कोई ध्यान
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दो साल से बिना लाइसेंस ही अस्पताल में दवाएं बेच रहा विक्रेता
60 प्रकार की दवाएं की हैं जब्त, संदिग्ध दवाओं के सैंपल भेजे हैं प्रयोगशाला
आदित्य सोफत
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में बिना लाइसेंस चल रहे जन औषधि केंद्र के मामले में नया खुलासा हुआ है। जन औषधि केंद्र का वर्ष-2023 में लाइसेंस एक्सपायर हो गया था। इसे दो सालों तक रिन्यू नहीं करवाया गया। इस ओर राज्य दवा विभाग के लाइसेंस अथॉरिटी ने भी कोई ध्यान नहीं दिया। इससे विभागों की बड़ी लापरवाही भी सामने आई है। लाइसेंस अथॉरिटी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हैरत की बात तो यह है कि दो साल में किसी भी विभागीय अधिकारी ने जांच नहीं की, जबकि अस्पताल में आलाधिकारी निरीक्षण करते रहते हैं। जांच के दौरान कभी रिकॉर्ड तक जांचा नहीं गया।
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल भी दो से तीन माह बाद अस्पताल के दौरे पर होते हैं। ऐसे में उन्होंने भी कभी जन औषधि केंद्र की ओर ध्यान नहीं दिया। इससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगा है। वहीं, अन्य अस्पतालों में चल रहे जन औषधि केंद्र के लाइसेंस अवधि भी संदेह के घेरे में आ गई है। क्या वहां भी इस प्रकार से ही जन औषधि केंद्र संचालित हो रहे होंगे यह भी जांच का विषय है। बहरहाल, सोलन अस्पताल के जन औषधि केंद्र में 60 प्रकार की दवाओं को राज्य दवा विभाग ने जब्त किया है। कुछ एक्सपायरी दवाएं भी शामिल हैं जिनकी अवधि काफी समय पहले समाप्त हो चुकी है। कुछ संदिग्ध दवाओं के सैंपल भी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। इन सैंपलों की रिपोर्ट 60 दिन के भीतर विभाग के पास आएगी। इसके बाद ही मामले में आगामी कार्रवाई होगी। वहीं, दूसरी ओर दवाओं को बेचने का भी कोई रिकॉर्ड जन औषधि केंद्र से नहीं मिल सका है।
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इनसेट
विभाग ने कई माह से दवाएं भी नहीं करवाई थीं उपलब्ध
क्षेत्रीय अस्पताल में जन औषधि केंद्र में दवाएं विभाग ने उपलब्ध करवानी थीं। शुरुआत में विभाग ने व्यक्ति को दवाएं उपलब्ध करवाई थीं और कुछ मार्जन पर बेचने के लिए कहा था। इसके बाद कई दवाएं उपलब्ध करवाई गईं। बताया जा रहा है कि मार्जन में से व्यक्ति को सैलरी दी जाती थी। कुछ समय तक को ठीक रहा, कुछ सालों बाद हालात खराब हो गए। इसके बाद कुछ माह से विभाग ने दवाइयां उपलब्ध करवानी बंद कर दीं। विभाग का तर्क था कि कई बार दवाएं पड़ी हुई एक्सपायरी हो जाती थीं। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने व्यक्ति को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए नोटिस भी भेजा था।
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इनसेट
जन औषधि केंद्र से मिली 60 विभिन्न प्रकार की दवाओं को सील कर दिया है। कुछ दवाओं के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। जन औषधि केंद्र का लाइसेंस वर्ष 2023 में एक्सपायर हो चुका है। आगामी जांच की जा रही है।
-प्रीति शर्मा, दवा निरीक्षक, बद्दी
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