सोलन में मोटरसाइकिल पर स्वास्थ्य कमऱ्र्मचारिययिं को रवाना करते अधिकारी।
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अब टीबी रोगियों का इलाज घर पर ही होगा। इलाज करने वाले मोटरसाइकल पर सवार होकर रोगियों के घर आएंगे। बढ़ रहे उद्योगों के चलते सोलन जिला में तपेदिक के रोगियों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। रेड एरिया चिन्हित हो चुके हैं। लिहाजा हर रोगी तक पहुंचने के लिए बाइक की सुविधा दी है।
सोमवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा सोलन जिले में तपेदिक के रोगियों तक सुगमता से पहुंचने के लिए विभाग के पर्यवेक्षकों को मोटरसाइकिल उपलब्ध करवाई गई। क्षेत्रीय अस्पताल से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके दरोच तथा जिला तपेदिक अधिकारी डॉ. वीके गोयल ने चार मोटर साइकिल और एक स्कूटी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि विभाग द्वारा तपेदिक पर्यवेक्षकों को यह वाहन इसलिए उपलब्ध करवाए हैं कि वे सुगमता से तपेदिक रोगियों के आवास तक पहुंच सकें। इससे पर्यवेक्षक रोगियों की दवा का निरीक्षण भी आसानी से कर सकेंगे। कहा कि तपेदिक रोग के पर्यवेक्षकों को नियमित रूप से इन रोगियों के घर तक जाना पड़ता है। ये पर्यवेक्षक तपेदिक रोग के संबंध में जागरूकता शिविर भी गांव-गांव जाकर आयोजित करते हैं। विभाग की ओर से दोपहिया वाहन उपलब्ध होने से इन पर्यवेक्षकों को अपना कार्य करने में मदद मिलेगी।
रोगी को नियमित रूप से मिलेगी दवा
बाइक मिलने से पर्यवेक्षक नियमित रूप से तपेदिक रोगियों द्वारा ली जा रही दवा की जानकारी ले पाएंगे। विभाग ने तपेदिक रोगियों की जांच के लिए व्यापक स्तर पर कार्यक्रम चलाया है। यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी रहती है तो उन्हें निर्धारित अस्पताल एवं प्रयोगशाला में तपेदिक रोग की जांच करवानी चाहिए। तपेदिक रोग लाइलाज नहीं है और समय पर जांच एवं उपचार से इस रोग से बचाया जा सकता है। जिला तपेदिक अधिकारी डॉ. वीके गोयल ने कहा कि दोपहिया वाहन जिले में तपेदिक रोगियों के दवा छूटने जैसे मामलों पर अंकुश लगाने में सहायक सिद्ध होंगे। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनके गुप्ता, वित्त नियंत्रक बेनी प्रसाद सहित अस्पताल के कर्मचारी और पर्यवेक्षक इस अवसर पर मौजूद रहे।