भगवत प्राप्ति के लिए किस गुरु का जीवन में होना जरूरी है।
- फोटो : अमर उजाला
मुरारी मार्केट सोलन में हिमाचल नर हरि सेवा समिति के माध्यम से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन आचार्य कमलकांत महाराज ने मन को एकाग्रता के बारे में बताया। कहा कि भगवत प्राप्ति के लिए किस गुरु का जीवन में होना जरूरी है।
इस दौरान उन्होंने सुंदर भजनों के माध्यम से भी ज्ञानोपदेश किया। भगवान के विराट स्वरूप का वर्णन एवं भगवान के 24 अवतारों का भी वर्णन किया। किस तरह सृष्टि की रचना हुई, भागवत के दस लक्षण तथा हिरण्यक्ष के वध का वर्णन किया। कहा कि हम जैसे कर्म करते हैं वैसे ही फल की प्राप्ति होती है। इसलिए मनुष्य को चाहिए कि वह शुभ कर्म करके इस मनुष्य देह को सफल और सार्थक बनाएं।