दीवान सजाए, शबद-कीर्तन से संगत निहाल
सिंग सभा गुरुद्वारा साहिब नालागढ़ में अखंड पाठ का भोग, लंगर का आयोजन
मंगूवाल और किरपालपुर के गुरुद्वारों में भी हुआ कीर्तन समागम
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। गुरु नानक देव के प्रकाश उत्सव पर बीबीएन में गुरुद्वारों में समागम का आयोजन किया गया। सिंघ सभा गुरुद्वारा साहिब नालागढ़ में तीन दिन पहले बैठाए गए अखंड पाठ का बुधवार को भोग डाला गया। इस मौके पर दीवान सजाया गया। गुरुद्वारा साहिब के हजूरी रागी भाई रणधीर सिंह, भाई कर्ण सिंह ने कीर्तन कर संगत को निहाल किया। रागी जत्था भाई लवदीप सिंह ने नानक चिंता मत करो, साहिब मेरा एको है शबद-कीर्तन से संगत को निहाल किया।
कथा वाचक भाई गुरबाज सिंह ने कहा कि गुरु नानक देव के जन्म के दौरान समाज में कई तरह की भ्रांतियां थीं। गुरु नानक देव ने पूरे समाज को एक माला में पिरोने का काम किया। गुरु नानक देव के पिता ने उन्हें व्यापार करने के लिए 20 रुपये दिए। ये पैसे उन्होंने भूखे लोगों के लंगर पर खर्च कर दिया था। उनकी ओर से शुरू की गई लंगर की प्रथा आज भी चल रही है। 20 रुपये से जो लंगर शुरू हुआ था, वह आज तक जारी है।
उन्होंने लोगों को गुरु की ओर से दिखाए गए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। समाज में जो कुरीतियां हैं, उन्हें दूर करने के लिए एक शबद से जुड़ने की अपील की। इसके अलावा गुरु का लंगर लगाया गया, जिसमें सभी वर्गों ने प्रसाद ग्रहण किया।
मंगूवाल स्थित गुरुद्वारा तथा किरपालपुर गुरुद्वारा साहिब में भी समागम हुआ। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरु शबद का गायन किया। इस मौके पर नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा, शिरोमणि अकाली दल के सदस्य डॉ. दलजीत सिंह भिंडर, परमजीत सिंह जौली, अजीत सिंह, परमजीत सिंह ग्रेवाल, गुरचरण सिंह, अमरेंद्र भिंडर, गुरप्रताप सिंह बब्बू और महेंद्र सिंह समेत गणमान्य लोग उपस्थित रहे।