संवाद न्यूज एजेंसी सोलन। यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) सोलन में चल रहे प्रशिक्षण शिविर में शुक्रवार को प्रतिभागियों को अगरबत्ती व धूप में रंग देने की तकनीक सिखाई। इसमें किस तरह से हरा व पीला रंग दिया जाता है, इस बार में प्रैक्टिकल करके दिखाया गया। प्रतिभागियों को बताया कि रंग देने के लिए फूलों व पत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हें सुखाकर पीसा जाता है। उसके बाद रंग दिया जाता है। इससे न तो अगरबत्ती व धूप में दुर्गंध आती है और जलने में भी कोई दिक्कत नहीं होती। वहीं रंग वाले धूप-अगरबत्तियों की बाजार में अधिक मांग रहती है और उसे नार्मल धूप-अगरबत्ती से अच्छे दाम मिलते हैं।
इस दौरान कोयले, गोबर और सूखे फूलों से धूप व अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान कुछ प्रतिभागियों ने कोयले से तो कुछ ने गोबर और सूखे फूलों से अलग-अलग रंगों के धूप बनाए। मौसम और जरूरत के हिसाब से भी धूप व अगरबत्ती बनाई गई, जिसमें मक्खी-मच्छर को भगाने के लिए गोबर के साथ नीम और तुलसी की पत्तियों का उपयोग किया गया। इसके अलावा खुशबू के लिए फूलों और इत्र का उपयोग किया। इसके अलावा प्रतिभागियों को उत्पाद बनाने के बाद उसकी पैकिंग करने के तरीके, उत्पाद को बेचने की जगह, तरीके व लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने के माध्यमों के बारे में भी बताया गया।
यूको आरसेटी की निदेशक मीनू बारिया ने बताया कि यह प्रशिक्षण आरसेटी में 31 मार्च तक चलेगा। इसके बाद सभी प्रतिभागियों की अंतिम परीक्षा करवाई जाएगी। वहीं अप्रैल में महिलाओं के लिए टेलर और ब्यूटी पार्लर जैसे कई प्रकार के विशेष प्रशिक्षण शिविर शुरू किए जाएंगे। इच्छुक महिलाएं आरसेटी में आकर आवेदन कर सकती हैं।
यूको आरसेटी सोलन में प्रशिक्षण के दौरान धूप, अगरबत्ती बनाते प्रतिभागी। संवाद