लोक निर्माण विभाग कसौली के तहत आने वाली गढ़खल-गुनाई सड़क चार दशक बाद भी पूरी नहीं बना पाई है। अब लोगों ने इस सड़क का निर्माण कार्य पूरा कराने और बस सेवा शुरू करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री 24 और 25 मई को कसौली निर्वाचन क्षेत्र के दो दिवसीय प्रवास पर आ रहे हैं।
ग्रामीणों का डेलिगेशन इस दौरान मुख्यमंत्री से मिलकर इस सड़क का कार्य पूरा कराने की मांग करेगा। ग्रामीणों का कहना है कि गढखल-गुनाई सड़क का सर्वेक्षण वर्ष 1973-74 में हुआ था। निर्माण कार्य वर्ष 1988 में शुरू हो गया था। दस किलोमीटर लंबी यह सड़क इतने वर्षों में साढ़े नौ किलोमीटर बनकर तैयार है और मात्र आधा किलोमीटर बनने को शेष है। लेकिन अंतिम छोर पर बसे गांव के लोगों की जमीन की गिफ्ट डीड न होने से दस सालों से यह निर्माण कार्य अटका पड़ा है।
सड़क को पट्टा-परवाणू और गुनाई-बरोटीवाला सड़कों से गुनाई गांव के जंक्शन प्वाइंट में मिलना है। सड़क के पूरा होते ही कसौली से बरोटीवाला की दूरी महज 25 किलोमीटर रह जाएगी और सीधे चंडीगढ़-पंचकूला भी लोग जा सकेंगे। लेकिन सड़क के पूरा न होने से पंचायत गढखल-सनावर, कसौली-गढखल, गनोल, नाहरी, कोटबेजा और पट्टानाली के करीब आधा दर्जन पंचायतों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से नुकसान उठाना पड़ रहा है। गढखल-गुनाई सड़क को जुलाई 2014 में प्रदेश खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश चौहान के अथक प्रयासों और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के दिशानिर्देशों पर लोक निर्माण विभाग कसौली मंडल द्वारा पास किया जा चुका है।
अब चार पंचायतों के हजारों ग्रामीणों की मांग है कि इस सड़क पर सरकारी बस चलाई जाए। क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक और कांग्रेस कमेटी कसौली मंडल के सदस्य बालादत्त शर्मा तथा तीरथराम शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री से सड़क में आई समस्या को हल करवाने सहित रोड पर सरकारी बस सुविधा शुरू करवाने की मांग को लेकर प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलकर उनके समक्ष इस मांग को उठाएगा।