विद्यार्थियों के साथ अभिभावक भी कर रहे रणनीति तैयार
वीरवार को भी प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी
कॉलेज की सरकारी मान्यता को बहाल करने की कर रहे मांग
संवाद न्यूज़ एजेंसी
सुबाथू(सोलन)। सुबाथू कॉलेज का सरकारी अधिग्रहण रद्द करने के मामले नरे तूल पकड़ लिया है। वीरवार को भी विद्यार्थियों ने काॅलेज के बाहर धरना प्रदर्शन किया और रोष रैली निकाली। वहीं अब अभिभावक भी प्रदेश सरकार को घेरने रणनीति बना रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि इस सबसे पुराने कॉलेज की हमेशा अनदेखी होती रही है। हाल में पूर्व सरकार ने जनता की मांग पर सरकारीकरण की घोषणा की थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने अभी कैबिनेट में इस कॉलेज की सरकारी मान्यता को रद्द करने का एलान किया है। जिससे स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों में रोष है। अभिभावकों का कहना है कि यदि इस काॅलेज की मान्यता वापस नहीं दी गई तो आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना होगा।
जानकारी के अनुसार वर्तमान में इस कॉलेज में 140 से अधिक विद्यार्थी कला और वाणिज्य संकाय में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। क्षेत्र का यह एकमात्र कॉलेज है, जोकि सुबाथू समेत आस-पास के दर्जनों ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का केंद्र है। वीरवार को भी छात्र संघ एसएफआई समेत अन्य विद्यार्थियों ने कॉलेज परिसर में जमकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी और धरना प्रदर्शन किया। जिसमें विद्यार्थी कॉलेज की मान्यता को बहाल करने व सुविधाओं को बढ़ाने की मांग कर रहे थे। अब इस आंदोलन में अभिभावक और स्थानीय लोग भी जुड़ना शुरू हो गए हैं। जिसको लेकर स्थानीय लोग विधायक के माध्यम से मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेंगे। उधर, कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने साफ कहा है कि सुबाथू कांग्रेस इस बारे गंभीरता से विचार विमर्श कर रही है।
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1979 से चल रही थी मांग
गोस्वामी गणेश दत्त स्नातक धर्म महाविद्यालय को सरकारी अधिग्रहण करने के लिए स्थानीय लोग वर्ष 1979 से लगातार सत्ता में बैठी सरकार से गुहार लगाते आए है। लेकिन सुबाथू सहित साथ लगती पंचायतों के सैकड़ों छात्र छात्राओं को हर बार राजनीति का शिकार होना पड़ा है। सुबाथू कॉलेज के सरकारी अधिग्रहण रद्द होने की सूचना के बाद सुबाथू कॉलेज छात्र छात्राओं ने पूरे सुबाथू बाजार में सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है।
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कॉलेज परिचर्चा
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सरकार वापस ले अपना निर्णय
कॉलेज को सरकारी मान्यता वापस दी जाए और कॉलेज में खाली पढ़े प्राध्यापकों के पदों को जल्द से जल्द भरा जाए। कक्षाएं लगे एक वर्ष पूरा हो रहा है। लेकिन सरकार अब इसे बंद कर रही है। इस निर्णय को वापस लिया जाना चाहिए। -करिश्मा, छात्रा बीए प्रथम वर्ष
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सुबाथू दर्जनों ग्रामीण क्षेत्रों का है केंद्र
यह कॉलेज सुबाथू के साथ लगते दर्जनों ग्रामीण क्षेत्रों का केंद्र है। जिससे सैकड़ों विद्यार्थियों को सुविधा मिल रही है। क्षेत्र में इसके अलावा कोई भी सरकारी कॉलेज नहीं है, कॉलेज के लिए सोलन या फिर धर्मपुर जाना पड़ता है जोकि काफी दूर है। इसलिए सरकार को इस कॉलेज की मान्यता को वापस देना होगा। बीकॉम छात्र प्रथम
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विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़
सरकार के इस निर्णय से कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। शिक्षा सत्र का पूरा वर्ष खत्म होने को है, सरकार अब अंतिम समय पर कॉलेज की मान्यता रद्द कर रही है। जोकि सहनीय नहीं होगा। - हर्ष, बीए द्वितीय वर्ष
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बहाल की जाए मान्यता
मैं शारीरिक रूप से अक्षम हूं। अगर ये कॉलेज बंद हो जाता है तो मैं दूर पढ़ऩे नहीं जा सकती। इसलिए ये कॉलेज बंद नहीं होना चाहिए। प्रदेश सरकार से मांग की है कि कॉलेज की मान्यता को जल्द दोबारा से बहाल किया जाए। -आकृति, बीकॉम प्रथम वर्ष
हर्ष बीए द्वितीय वर्ष। संवाद सुबाथू महाविद्यालय को लेकर परिचर्चा
हर्ष बीए द्वितीय वर्ष। संवाद सुबाथू महाविद्यालय को लेकर परिचर्चा
हर्ष बीए द्वितीय वर्ष। संवाद सुबाथू महाविद्यालय को लेकर परिचर्चा