फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Solan News: राजस्व फील्ड स्टाफ को पुलिस सुरक्षा प्रदान करे सरकार

विज्ञापन
संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी  व कानूनगो महासंघ के सदस्य अतिरिक्त उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हु
विज्ञापन
संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ सोलन ने डीसी से के माध्यम से सरकार का भेजा ज्ञापन
विज्ञापन

कुल्लू में ड्यूटी के दौरान राजस्व अधिकारियों पर हमले पर जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
अर्की (सोलन)। संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ, जिला सोलन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने जिला कुल्लू में ड्यूटी के दौरान पटवारी एवं कानूनगो के साथ हुई मारपीट और जानलेवा हमले के विरोध में अतिरिक्त उपायुक्त सोलन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपकर अपना रोष व्यक्त किया। महासंघ के जिला प्रधान सुमित ठाकुर ने बताया कि जिला कुल्लू में सीमांकन और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान ड्यूटी पर तैनात पटवारी और कानूनगो पर जानलेवा हमला हुआ, जिसकी महासंघ ने कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि महासंघ सरकार से मांग करता है कि दोषियों के विरुद्ध हत्या करने के प्रयास और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने जैसी कठोर कानूनी धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। सुमित ठाकुर ने यह भी कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए राजस्व फील्ड स्टाफ को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर प्रकरण में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेश भर में कार्यरत पटवारी और कानूनगो आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इसके अतिरिक्त महासंघ ने अवगत कराया कि जिले में सातवीं माइनर इरीगेशन सेन्सस (लघु सिंचाई जनगणना) और द्वितीय वाटर बॉडी सेन्सस (जल निकाय जनगणना) के दौरान फील्ड स्तर पर कई तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। पूर्व में दिए गए आश्वासन के अनुसार जिला मास्टर ट्रेनर द्वारा तहसील या उपमंडल स्तर पर फील्ड डेमोंस्ट्रेशन और प्रशिक्षण शीघ्र आयोजित किया जाए, ताकि यह कार्य समयबद्ध और सुचारू रूप से पूर्ण किया जा सके। महासंघ ने यह भी मांग की कि स्वामित्व योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और उससे संबंधित कार्य निर्धारित एसओपी तथा आबादी देह अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार चरणबद्ध रूप से ही करवाए जाएं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें