पेंशनर एसोसिएशन ने उपायुक्त कार्यालय में दिया धरना
दो टूक शब्दों में कहा हर माह की एक तारीख को दी जाए पेंशन
बैठक न बुलाई तो अब शिमला में किया जाएगा धरना-प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सरकार की ओर से पेंशनरों की प्रमुख मांगों को पूरा न करने पर पेंशनर संगठनों का गुस्सा फूट गया है। शुक्रवार को विभिन्न पेंशनर संगठनों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया। इस दौरान संगठनों ने कहा कि पौने दो साल से सरकार केवल मांगे पूरी करने का आश्वासन दे रही है।
लेकिन मांगों को दरकिनार कर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जेसीसी बैठक सरकार अब जल्द बुलाए। यदि बैठक नहीं बुलाई जाती है तो शिमला में धरना प्रदर्शन होगा। इस दौरान उग्र आंदोलन होने पर जिम्मेवारी सरकार की रहेगी। संघ ने चेतावनी दी कि सरकार उन्हें हल्के में न ले। वहीं पेंशन भी माह की पहली तारीख को सरकार खाते में डालें। इस दौरान उपायुक्त मनमोहन शर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री को पेंशनरों ने ज्ञापन भी सौपा।
राज्य पेंशनर कल्याण संघ के मुख्य सलाहकार केडी शर्मा कहा कि विभिन्न संघों की ओर से सरकार को 15 सितंबर तक मांगों को पूरा करने का समय दिया गया था। उन्होंने कहा कि पेंशनरों को प्रदर्शन करने का कोई शौक नहीं है। लेकिन सरकार पौने दो साल से टाल मटौल का रवैया अपनाती जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस समारोह देहरा में घोषणा की थी कि 75 वर्ष से ऊपर के पेंशनरों को को छठे वेतन आयोग का संशोधन वेतन का 22 प्रतिशत के हिसाब से दिया जाएगा। लेकिन इसमें भी सरकार ने पेंशनरों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है। इस मौके पर जगदीश पंवर, मंसाराम पाठक, डीडी कश्यप, मनोहर सिंह कंवर, बलिराम राठौर, जगदीश भारद्वाज समेत अन्य पेंशनर मौजूद रहे।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा को ज्ञापन सौपते पेंशनर। संवाद