नेपाल सरकार ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल गौरव शमशेर जंग बहादुर राणा को ब्रिटेन में राजदूत नामित किया।
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कसौली के प्रतिष्ठित लॉरेंस स्कूल सनावर के एक और पूर्व छात्र ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। स्कूल के पूर्व छात्र और नेपाल सेना के पूर्व प्रमुख जनरल गौरव शमशेर जंग बहादुर राणा को नेपाल सरकार ने ब्रिटेन में नेपाल का राजदूत बनाने के लिए नामित किया है।
जनरल राणा का सनावर स्कूल से करीब एक दशक पुराना नाता रहा है। उन्होंने 1962 से 1972 तक यहां शिक्षा प्राप्त की। स्कूल में वह हिमालया हाउस से जुड़े रहे। पढ़ाई के बाद उन्होंने सैन्य सेवा को अपना करियर बनाया और अपनी मेहनत तथा नेतृत्व क्षमता के दम पर नेपाल सेना के शीर्ष पद तक पहुंचे।
नेपाल सेना की कमान भी संभाली
जनरल राणा ने सैन्य सेवा के दौरान नेपाल सेना में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वह 2012 से 2015 तक चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ रहे। इस दौरान नेपाल की सैन्य व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सैन्य संबंधों से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व उनके पास रहे।
अपने सैन्य करियर में वह नेपाल मिलिट्री अकादमी के कमांडेंट और डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन जैसे पदों पर भी काम कर चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में लेबनान के दौरान भी उन्होंने नेपाल की सेना से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली थी।
स्कूल से आज भी जुड़ा है रिश्ता
सनावर स्कूल के साथ जनरल राणा का संबंध उनके छात्र जीवन के बाद भी बना रहा। वर्ष 2013 में आयोजित स्कूल के 166वें फाउंडर्स डे समारोह में वह मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे।
स्कूल परिसर में लौटने के दौरान उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद किया और छात्र जीवन से जुड़ी स्मृतियों को साझा किया था। उनकी सैन्य उपलब्धियों और सार्वजनिक सेवा को देखते हुए स्कूल की ओर से उन्हें ओल्ड सनावरियन लाइफटाइम अचीवर्स अवार्ड भी प्रदान किया गया था।
भारत दौरे में चंडीमंदिर पहुंचे थे
नेपाल सेना के प्रमुख के तौर पर जनरल राणा भारत के दौरे पर भी आ चुके हैं। करीब 13 वर्ष पहले भारत यात्रा के दौरान उन्होंने चंडीमंदिर स्थित वेस्टर्न कमांड का दौरा किया था।
इस दौरान उन्होंने भारत और नेपाल की सेनाओं के संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास सूर्य किरण को देखा था। उनके साथ नेपाल का सैन्य प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया था। यह अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग और आपसी सैन्य प्रशिक्षण को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।
सैन्य सेवा से अब राजनयिक भूमिका तक
जनरल राणा का करियर सैन्य नेतृत्व से लेकर अब राजनयिक जिम्मेदारी तक पहुंचा है। नेपाल सेना में शीर्ष पद संभालने के बाद ब्रिटेन जैसे महत्वपूर्ण देश में नेपाल के राजदूत के रूप में नामित होना उनके लंबे सार्वजनिक करियर की एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है। उनकी इस उपलब्धि पर लॉरेंस स्कूल सनावर से जुड़े पूर्व छात्रों और स्कूल समुदाय में उत्साह है। सनावर से निकलकर सैन्य क्षेत्र में शीर्ष मुकाम हासिल करने के बाद अब राणा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल का प्रतिनिधित्व करने की भूमिका में नजर आएंगे।