शिक्षा विभाग की ओर से अध्यापकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
अध्यापक अपने स्कूलों में विद्यार्थियों को भी करेंगे प्रशिक्षित
रिसाइकिल पानी को क्यारियों समेत शौचालय में होगा प्रयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के स्कूलों में अध्यापकों सहित विद्यार्थियों को पर्यावरण सरंक्षण के प्रति प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके तहत स्कूलों में सूखा, गीला कचरा और गंदे पानी का दोबारा से प्रयोग किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग और एक निजी संस्था अर्थ जस्ट अध्यापकों और विद्यार्थियों को जानकारी प्रदान कर रही है। वहीं पर्यावरण संरक्षण को लेकर बेहतरीन कार्य करने वाले स्कूलों को राष्ट्र स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार स्कूलों में विद्यार्थियों को बताया जाएगा हाथ धोने के बाद व्यर्थ में बह रहे पानी का दोबारा प्रयोग किस तरह से किया जा सकेगा। इसके अलावा सूखे और गीले कचरे से किस तरह से खाद तैयार की जा सकती है।
संस्था के अभिषेक तनेजा ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम के तहत पहले अध्यापकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। जिसके बाद अध्यापक बच्चों को इसकी जानकारी देंगे। जिसमें कचरे को खुले में न फेंककर उसका प्रयोग खाद, सजावटी सामान के लिए किया जाएगा। वहीं हाथ धोने के बाद व्यर्थ गिरने वाले पानी को एकत्रित कर उसका प्रयोग पौधों की सिंचाई समेत शौचालय में इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत जागरूक शहीद सिकंदर सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बोहली में एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। इसका आयोजन ऊर्जा एवं जल संरक्षण हिम कोस्ट की ओर से किया गया। अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉ. मंजुला शर्मा ने की। जिसमें अर्थ जस्ट संस्था की ओर से रोजमर्रा के जीवन में जल और जल स्रोतों को किस प्रकार प्रदूषित कर रहे हैं और इसके बचाव के उपाय एवं जल संचयन की विधियों की जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला में करीब 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया। जिसमें बोहली पंचायत प्रधान राकेश कुमार, महिला मंडल प्रधान मधुबन, स्नेह लता, अध्यापक समेत विद्यार्थी मौजूद रहे।