नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ के एक उद्यमी के खाते से हैकरों ने 3.27 लाख रुपये उड़ा दिए। खाता धारक को इस बाबत मैसेज आए लेकिन फोन साइलेंट मोड पर होने से पता नहीं चला। शाम को जब वह अपने किसी वर्कर को पैसे ऑनलाइन भेजने लगा तो उसके खाते में कोई पैसा न होना बताया गया, जिससे उन्हें पैसे निकलने का पता चला। पंजाब राज्य के रोपड़ जिले के मालिकपुर निवासी मेवा सिंह का नालागढ़ में परफेक्ट फैब्रिकेटर एंड इंजीनियरिंग के नाम से अपना व्यवसाय है और पंजाब नेशनल बैंक की नालागढ़ शाखा में इसी फर्म के नाम से खाता है। 19 दिसंबर को उसके खाते में 3.37 लाख रुपये डिपोजिट हुए थे। उसमें से उसने सायं सवा पांच बजे रोपड़ के एक एटीएम से 10 हजार रुपये निकाले थे। उसके बाद वह घर चला गया। घर जाकर उसने अपने वर्कर की 11 हजार 440 रुपये पेमेंट आनलाइन करनी थी तो वह ट्रांसफर नहीं हुई और मैसेज आया कि उसके खाते में बैलेंस नहीं है। खाताधारक ने तुरंत कस्टमर केयर पर इसकी शिकायत की। उसके पैसे दूसरे खाते मे ट्रांसफर हुए हैं। 20 दिसंबर को रविवार होने से बैंक बंद था। इसलिए वह 21 को बैंक में आया तो शिकायत दी। बैंक के अधिकारियों ने चेक किया कि उसके खाते से पैसे किसी दूसरे खाते में नेटबेकिंग से ट्रांसफर हुए हैं। बैंक ने इसकी सूचना बैंक के क्राइम सेल को भेज दी है। हैरानी की बात है कि जब इंटरनेट बैंकिंग से या ऑनलाइन लेनदेन करते हैं तो हर लेनदेन के लिए ओटीपी आता है, लेकिन उसके खाते से हैकर ने दो बार 99 हजार 999 रुपये पेटीएम खाते में ट्रांसफर किए हैं। उसके बाद भी 14 बार 10 हजार करके ट्रांसफर हुए, जो ऑनलाइन लेनदेन की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। रिजर्व बैंक ने एटीएम कार्डों की क्लोनिंग को रोकने के लिए चिप वाले कार्ड जारी किए थे, लेकिन अब उनकी भी धड़ल्ले से क्लोनिंग हो रही है। पीड़ित व्यक्ति ने जब पुलिस से इसकी शिकायत की तो पुलिस ने शिकायत लेने से मना कर दिया। जिस पर वह एसडीएम महेंद्र पाल गुर्जर से मिला। उन्होंने पुलिस को शिकायत दर्ज करने के आदेश दिए। जिसके बाद शिकायत दर्ज हुई। उधर, बैंक प्रबंधक रोहताश सैणी ने बताया कि मेवा सिंह के खाते से नेटबैंकिग से पैसा ट्रांसफर हुआ है। बैंक की क्राइम ब्रांच इसकी जांच कर रही है।