खेड़ा पंचायत के नानोवाल के पास सरसा नदी में जहरीले पानी से सैकड़ों मछलियां मर गईं। ग्रामीणों ने जब मरी हुई मछलियां देखी तो उसकी सूचना प्रदूषण बोर्ड और मत्स्य विभाग को दी। सूचना मिलते ही विभाग के कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा पानी के सैंपल लिए।
सरसा नदी में बद्दी और बरोटीवाला के उद्योगों से निकलने वाला पानी भी मिलता है। इससे यह पानी जहरीला हो गया है। यह पानी इतना जहरीला है कि लोगों ने अब इसे पशुओं को पिलाना तक बंद कर रखा है। नोनावाल में कई मवेशी इस पानी को पीने से मर चुके हैं। यही नहीं जिन खेतों में यह पानी लगाया गया है वहां पर फसल भी तबाह हो गई है।
ग्रामीण नंदलाल ठाकुर, भागा राम चंदेल, चेत राम व रणजीत सिंह ने बताया कि लोगों ने इसकी सूचना प्रदूषण बोर्ड को दी है। सूचना मिलते ही प्रदूषण बोर्ड के सहायक अभियंता मौके पर पहुंचे और पानी के सैंपल लिए।
प्रदूषण बोर्ड के वरिष्ठ अभियंता प्रवीण गुप्ता ने बताया कि सूचना मिलते ही विभाग के एसडीओ मौके पर गए थे और सैंपल लिए है। इसकी प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।