बद्दी के किशनपुरा में प्रवासी कामगारों की 19 झुग्गियां जल कर राख हो गई। आग एक महिला कामगार की झुग्गी से उठी चिंगारी से लगी। इसमें करीब दो लाख रुपये की संपत्ति जल कर राख हो गई। पिछले वर्ष 10 मई को भी इसी स्थान पर आग लगी थी जिसमें 70 झुग्गियां जल कर राख हो गई थी।
इस दौरान एक सोई हुई छोटी बच्ची जल गई थी। ठीक एक साल बाद इसी स्थान पर आग की घटना हुई है। पिछले वर्ष बच्ची के मरने के बाद स्थानीय प्रशासन ने निजी जमीन से झुग्गियां हटाने की मुहिम चलाई थी, लेकिन यह मुहिम कागजों तक ही सीमित रही। पिछली घटना से भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया।
दोपहर के समय कामगार उर्मिला देवी की झुग्गी में खाना बन रहा था। अचानक चिंगारी उठी और आग लग गई। देखते ही देखते तेज हवा से आग तेजी से फैल गई। आग से उर्मिला, राजा राम, नोखे लाल, पूनम देवी, राजा कुमार, बाल्मीकी साहनी, अशोक साहनी, सुशीला, राजा बाबू, कलू कुमार, जय राम सिंह, रुदल सिंह, रामाकंात, शंकर नाथ की झुग्गियां पूरी तरह से जल गई जबकि जगदीश, लाला राम, प्रेम सिंह व हरि की झुग्गियों को आंशिक नुकसान हुआ है।
सूचना मिलते ही फायर आफिसर किशोर कुमार, लिडिंग फायर मैन संत राम, फायर मैन भाग सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे तथा आग को बुझाने का प्रयास किया। आधा घंटे में आग पर काबू पाया गया। टीम ने साथ लगती झुग्गियों को सुरक्षित बचा लिया। उधर, सूचना मिलते ही बद्दी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। पंचायत प्रधान राम सिंह ने प्रभावितों को राहत राशि देने की जिला प्रशासन से मांग की है।