मलपुर में हिम चंडीगढ़ टाऊनशीप का विरोध करते हुए किसान- स्रोत- किसान
कहा- जबरन जमीन ली तो अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। प्रस्तावित हिम चंडीगढ़ न्यू टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में विरोध की आग सुलगने लगी है। मंगलवार को मलपुर और संडोली गांवों में किसानों की आपात बैठकें हुईं, जिसमें टाउनशिप के लिए अपनी उपजाऊ और शामलात जमीनें देने से साफ इन्कार कर दिया गया। किसानों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जबरन अधिग्रहण की कोशिश की, तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे और सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। बैठक में किसानों ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन ने बिना ग्राम सभा या किसानों को विश्वास में लिए 3400 बीघा शामलात जमीन हिमुडा के नाम कर दी है। यही नहीं, 6 हजार बीघा और जमीन को हिमुडा के अधीन करने की तैयारी चल रही है। किसानों का तर्क है कि यह शामलात जमीन सदियों से उनकी देखरेख के कारण ही सुरक्षित बची हुई है। पूर्व प्रधान प्रतीम सिंह और भाग सिंह कुंडलूस ने बताया कि सरकार शीतलपुर के खोल बैली तक इस टाउनशिप को फैला रही है। इसमें कुल 20,000 बीघा जमीन (9000 सरकारी और 11000 निजी) अधिग्रहित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि उनकी पहले ही फोरलेन और रेलवे प्रोजेक्ट्स में काफी जमीन जा चुकी है। अब यदि टाउनशिप बनती है, तो सैंकड़ों परिवार पूरी तरह भूमिहीन हो जाएंगे। ग्रामीण भाग सिंह कुंडलूस ने कहा कि लोगों ने शामलात भूमि पर पेड़ लगाकर इस पूरी बेल्ट को ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित किया है। टाउनशिप बनने से यह हरियाली कंक्रीट के जंगल में बदल जाएगी। इस दौरान मलपुर और संडोली की बैठकों में पूर्व प्रधान प्रतीम सिंह, भाग सिंह कुंडलूस, उप प्रधान गुरदास चंदेल, करनैल सैणी, पोला राम चौधरी और हेमराज चौधरी सहित भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।