स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के लिए 17 पाठशालाओं का चयन
निजी स्कूलों की तर्ज पर स्मार्ट बनेंगे चयनित स्कूल
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बुनियादी स्तर की शिक्षा को मजबूत करने के लिए बच्चों को स्मार्ट तरीके से शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसके लिए जिले से 17 प्राथमिक स्कूलों का चयन स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के लिए किया गया है। इसमें निजी स्कूलों की तर्ज पर प्राथमिक स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम तैयार किया जाएगा। जिसमें बच्चों के लिए एलईडी, खेलने की सामग्री को भी स्थापित किया जा रहा है। शिक्षा को रोचक बनाने के लिए कार्टून दिखाकर और अन्य खेल गतिविधियों से भी बच्चों को पढ़ाया जाएगा। इसमें निजी स्कूलों की तर्ज पर जहां बच्चों को शिक्षा मिलेगी वहीं स्मार्ट कक्षाओं से रट्टा प्रणाली को खत्म करने का प्रयास किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के जरिए सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए स्मार्ट क्लास के साथ-साथ अत्याधुनिक सुविधाओं से इन स्कूलों को लैस किया जा रहा है। प्रथम चरण में जिले से 17 स्कूलों का चयन किया गया है। जिसमें रामशहर शिक्षा खंड से प्राथमिक स्कूल भयूंखरी, धुंदन से बागा, अर्की से अर्की स्कूल, रामशहर शिक्षा खंड से भुंड और मानपुरा, धर्मपुर से प्राथा स्कूल, अंहेच, नेरीकला, बरोटी, नालागढ़ से कुमारहट्टी, रामशहर से जुभकर, नालागढ़, कंडाघाट से बिणु, कंडाघाट और सोलन से सेरी और सोलन को शामिल किया गया है।
इन स्कूलों में शिक्षा विभाग की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर योग्य शिक्षकों के चयन पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है। उधर, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक डॉ. शिव कुमार शर्मा ने बताया कि चयनित स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतरीन सुविधा प्रदान की जाएगी। स्मार्ट कक्षाओं से पढ़ाई कर रट्टा प्रणाली को खत्म करने का प्रयास किया जाएगा।