बेहतर कार्य के लिए उद्योगपतियों ने अधिकारियों को किया सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने बददी अपना 75वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर निगम के संयुक्त निदेशक धर्मवीर सिंह ने वर्ष भर की गतिविधियों पर प्रकाश डाला और ईएसआईसी के कामकाज की सराहना की। उन्होंने बताया कि निगम ने अपने पंजीकृत श्रमिकों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप मंगलवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम भवन में क्षेत्रीय निदेशक कर्नल मनजीत कटोच को राष्ट्रीय स्तर पर रनरअप ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। धर्मवीर सिंह ने बताया कि पहले हिमाचल प्रदेश में ईएसआईसी आठ जिलों में ही लागू था, लेकिन अब इसे कुल्लू, कांगड़ा, किन्नौर, चंबा और लाहौल-स्पीति जिलों में भी लागू किया जा चुका है। इसके अलावा, अब निगम ने कालाअंब में एक नया अस्पताल शुरू किया है। इससे सिरमौर जिले के लोगों को घर के पास स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके साथ ही, ऊना के हरोली में भी एक नया अस्पताल निर्माणाधीन है। इस अवसर पर निगम ने बीबीएनआईए के अध्यक्ष वाईएस गुलेरिया और पूर्व सहायक निदेशक देवव्रत यादव को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। साथ ही, उद्योगपतियों ने निगम के संयुक्त निदेशक धर्मवीर सिंह, उपनिदेशक कर्णपाल व शाखा प्रंबधक अभिनव गुप्ता को सम्मानित किया। ईएसआईसी के पूर्व सहायक निदेशक देवव्रत यादव ने कहा कि माडल चिकित्सालय काठा में अब सुधार हो चुका है और जिन कार्यों को लंबे समय से रोका गया था, वे अब अधिकारियों के प्रयासों से फिर से शुरू हो गए हैं।
भावा कैंसर सेंटर से टाइअप और अन्य सुविधाएं
धर्मवीर सिंह ने बताया कि निगम ने न्यू चंडीगढ़ के भावा कैंसर सेंटर से उद्योग कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए निशुल्क टाइअप किया है। इससे अब कर्मचारी और उनके परिवारों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज बिना किसी परेशानी के मिल सकेगा।
उद्यमियों को लेबर कोड की जानकारी
निगम के उपनिदेशक कर्णपाल ने उद्यमियों को नए लेबर कोड के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बीबीएनआईए के अध्यक्ष वाईएस गुलेरिया ने निगम की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि जब बद्दी में ईएसआईसी की शुरुआत हुई थी, तो उद्योगपतियों और श्रमिकों को इसकी जानकारी नहीं थी। तब सामाजिक सुरक्षा अधिकारी देवव्रत यादव ने हर कंपनी में जाकर जानकारी प्रदान की, जिससे निगम की पहचान बनी और कामकाजी वर्ग को इसका लाभ मिल सका।
मरीजों के इलाज में सहायता
बीबीएनआईए के अध्यक्ष गुलेरिया ने बताया कि नालागढ़ की एक लोहा कंपनी के कर्मचारी के बच्चे के कान नहीं थे, जिसके लिए निगम ने कृत्रिम कान उपलब्ध कराए और इस पर 19 लाख रुपये का खर्च आया। इसके अलावा, एक कर्मचारी की सड़क दुर्घटना में गंभीर चोटें आईं, जिसके इलाज के लिए निगम ने छह लाख रुपये का खर्चा उठाया।