दुर्घटना के समय कॉल सेंटर में नहीं उठाता कोई फोन
दो जगहों से चोरी भी हो चुके फोन, अभी तक नहीं लगे
फोरलेन में लगाए गए थे 17 साइट पर आपातकालीन फोन
आदित्य सोफत
सोलन। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर परवाणू-सोलन फोरलेन के बीच लगाए गए फोन का फायदा लोग नहीं मिल पा रहा हैं। ये फोन आपातस्थिति में प्रयोग आते हैं। ऐसे में दुर्घटना के समय लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। हैरत की बात तो यह है कि आपातस्थिति में कॉल सेंटर में कोई फोन तक नहीं उठाता है। वहीं, दो जगहों से फोन चोरी भी हो गए हैं। यहां पर अभी तक फोन को नहीं लगाया गया है। इस कारण लोगों को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से कोई सहायता नहीं मिल पा रही है।
गौर रहे कि परवाणू-चंबाघाट फोरलेन में आपातस्थिति में लोगों की सहायता के लिए फोन लगाए गए थे। ये फोन सौर उर्जा से चलते हैं। परवाणू से चंबाघाट के बीच 17 जगहों पर फोन जगाए गए हैं। यानी हर दो किलोमीटर के बाद फोन इंस्टाल किया गया है। इसे कॉल सेंटर से भी जोड़ा गया है। फोन लगने के बाद से वाहन चालकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रख रहा था। शुरुआत में लोगों को आपातकाल के दौरान बटन दबाते ही सहायता मिली। लेकिन इन दिनों ये सुविधा लोगों को नहीं मिल रही है। सड़क हादसा, स्वास्थ्य बिगड़ने जैसी समस्या के दौरान फोन से सहायता लेने पर जब लोग इन फोन का बटन दबाते हैं तो लोगों को सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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हादसों के दौरान सुरक्षा राम भरोसे
परवाणू से सोलन के बीच जब से ये फोन बंद हुए हैं तब से हादसें के दौरान सुरक्षा राम भरोसे हो गई है। क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से कोई भी एंबुलेंस मौके पर नहीं भेजी जाती है। फोन लगने के बाद से परवाणू से सोलन के बीच एक एंबुलेंस और क्रेन तैनात की गई थी। लेकिन फोन न चलने के कारण इनका भी फायदा लोगों को नहीं मिल रहा है। ऐसे में 108 और अन्य का भी लोग लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
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आपातस्थिति के लिए 17 जगहों पर फोन लगाए गए हैं। इसके लिए कॉल सेंटर पर टीम की तैनाती भी की गई है। यदि कोई फोन कॉल नहीं उठा रहा है तो इस बारे जांच की जाएगी।
-आनंद दहिया
प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई शिमला