अतिसंवेदनशील श्रेणी में आता है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मपुर
मौके पर होती है एक ही 108 एंबुलेंस, सरकारी एंबुलेंस भी नहीं
दुर्घटना के दौरान आती है अधिक परेशानी, विभाग मौन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कई बार आपातस्थिति में पीड़ितों को एंबुलेंस की सुविधा ही नहीं मिलती है। ऐसे में मरीज को जान जोखिम में डालकर टैक्सियों में ले जाना पड़ रहा है। कई बार इस प्रकार की असुविधा अस्पताल में देखने को मिली है। लेकिन आज तक इसका कोई हल नहीं निकल पाया है। शुक्रवार देर रात भी इसी प्रकार का मामला देखने को मिला है। जिसमें दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को न तो 108 की सुविधा मिली और न ही कोई सरकारी एंबुलेंस अन्य अस्पताल ले जाने के लिए मिली।
इस सुविधा के अभाव में पीड़ित व्यक्ति को मजबूरी में गंभीर हालत में टैक्सी में एमएमयू अस्पताल पहुंचाया गया। हैरत की बात तो यह है कि कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर धर्मपुर अस्पताल अति सवेंदनशील श्रेणी में आता है। लेकिन यहां पर सुविधाओं का अभाव मरीजों पर भारी पड़ रहा है। सड़क दुर्घटना में भी अधिकतर लोगों को यहां से रेफर ही किया जाता है। लेकिन एक ही एंबुलेंस होने पर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
गौर रहे कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मपुर और क्षय रोग अस्पताल के लिए एक ही एंबुलेंस है। जबकि दोनों ही अस्पताल काफी अहम हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एनएच से सटा होने के कारण यहां पर अधिकतर दुर्घटनाग्रस्त मामले भी पहुंचते हैं। लेकिन अस्पताल के पास अपनी कोई भी एंबुलेंस नहीं है। केवल एक ही 108 एंबुलेंस का सहारा दोनों अस्पतालों को है। कई बार एंबुलेंस दूसरे मरीज को लाने या शिमला छोड़ने में व्यस्त रहती है। ऐसे में अन्य मरीज को आपातस्थिति में काफी दिक्कतें आ रही हैं। वहीं बड़े हादसे में भी दूसरी जगह से एंबुलेंस को बुलाना पड़ता है। इसके बाद मरीज अस्पतालों में रेफर होते हैं। इस बारे में कई बार विभाग और विधायक को अवगत करवा दिया है। लेकिन कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। शुक्रवार देर रात भी एक एंबुलेंस दूसरे मरीज को छोड़ने में व्यस्त होने के कारण मरीज को आधे घंटे के बाद अस्पताल से टैक्सी के माध्यम से भेजा गया।
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लोगों का आरोप, नहीं मिलती स्वास्थ्य सुविधा
धर्मपुर पंचायत के वार्ड सदस्य जसप्रीत सिंह ने बताया कि शनिवार को उनके दोस्त का मोतीकोना के समीप बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसके बाद धर्मपुर अस्पताल लाया गया और यहां से गंभीर हालत को देखते हुए दोस्त को उपचार के लिए एमएमयू रेफर कर दिया। रेफर करने के बाद 108 को फोन किया। लेकिन 15 मिनट तक कोई एंबुलेंस नहीं भेजी। इस प्रकार का हाल पहले भी हुआ है। धर्मपुर अस्पताल में 108 की एक एंबुलेंस है। कई बार आपातस्थिति में एंबुलेंस की सुविधा ही नहीं मिलती है।
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शुक्रवार रात फोन आया कि सीएचसी धर्मपुर में एंबुलेंस के जरिए मरीज को ले जाना है। धर्मपुर की एंबुलेंस पहले ही एक मरीज को छोड़ने के लिए शिमला गई हुई थी। सोलन में भी दोनों एंबुलेंस व्यस्त थीं। ऐसा देखते हुए एंबुलेंस को परवाणू से भेजा गया। लेकिन थोड़ी ही देर बाद फोन आया कि अब एंबुलेंस की आवश्यकता नहीं है। जिसके बाद पर एंबुलेंस को टोल प्लाजा सनवारा से वापस परवाणू भेजा गया था।
-अशोक दासन
प्रभारी, 108 एंबुलेंस संचालन कंपनी
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मामले में 108 प्रबंधकों से जवाब लिया जाएगा। अस्पताल की एंबुलेंस 15 साल पूरे होने के बाद सड़क से हटा दी गई है। नई एंबुलेंस खरीदने की प्रक्रिया चली हुई है।
-डॉ. राजन उप्पल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन