प्रदूषण बोर्ड ने आचार संहिता के बाद बंद किया था एनओसी देना
चुनाव आयोग के फैसले का बीबीएनआई ने किया स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। प्रदूषण बोर्ड की ओर से बंद की गई एनओसी को चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते हुए सरकार को आदेश जारी कर उद्योगों को एनओसी देने को कहा गया। मुख्य चुनाव आयोग की इस कार्रवाई से उद्योग जगत ने खुशी जताई है।
बीबीएनआईए के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल व महासचिव वाईएस गुलेरिया ने बताया कि आचार संहिता के कारण हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से उद्योगों के लिए जरूरी एनओसी की सहमति जारी करने और संचालन की सहमति का नवीनीकरण करने पर रोक लगा दी थी। इससे उद्योगपतियों को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
बीबीएनआईए के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे को लेकर उद्योग मंत्री के समक्ष उठाया। 12 अप्रैल को संघ के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के मुख्य सचिव से भी मिला था। बीबीएनआईए ने मुख्य चुनाव आयुक्त, भारत चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव अधिकारी सह प्रधान सचिव चुनाव, हिमाचल प्रदेश सरकार, उद्योग निदेशक, हिमाचल प्रदेश सरकार को भी ज्ञापन भेजे। बीबीएनआईए ने दलील दी कि चुनाव रोजमर्रा के काम पर रोक लगाने के लिए नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल हर चीज को रोकने के लिए किया जा रहा है। संघ ने अनुरोध किया कि नियमित काम को नहीं रोका जाना चाहिए और विभागों को निर्देश दिया जाना चाहिए कि वे चुनाव आचार संहिता के संदर्भ के बिना अपने व्यक्तिगत गुणों के आधार पर ऐसे मामलों को निपटाएं।
परिणामस्वरूप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी-सह-प्रधान सचिव निर्वाचन हिमाचल प्रदेश ने मुख्य सचिव को एक पत्र जारी किया है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने आदर्श आचार संहिता के दृष्टिकोण से कोई आपत्ति नहीं जताई है। इसके लिए संघ ने सभी अधिकारियों का आभार जताया गया।