प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के आह्वान पर चिकित्सकों की पेन डाउन स्ट्राइक के चलते जिला सोलन के तमाम सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में सुबह दो घंटे तक ओपीडी में रोगियों को इलाज के लिए तरसना पड़ा। हालांकि आपात सेवाएं चलती रहीं। करीब 45 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में सामान्य ओपीडी सुबह दो घंटे बाद लगी। मांगें न मानने पर बिफरे चिकित्सक 3 से 12 फरवरी तक सुबह दो घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक पर हैं। 24 जनवरी से 2 फरवरी तक काले बिल्ले लगाकर विरोध जताया था।
अर्की, कुनिहार आदि अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सेवाएं ठप रहीं। जिला सोलन मेडिकल आफिसर एसोसिएशन के प्रधान डॉ. कुलदीप जसवाल ने बताया कि डॉक्टरों के खिलाफ प्रदेश में बढ़ रही हिंसक घटनाओं और उनकी मांगों की अनदेखी के चलते प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन ने यह फैसला लिया है। यदि सरकार ने इस दौरान मांगों को पूरा नहीं किया तो 13 तक पेन डाउन स्ट्राइक रहेगी। इसके बावजूद मांगें न मानी गईं तो डाक्टर सामूहिक त्यागपत्र भी दे सकते हैं।
निजी क्लीनिकों का लेना पड़ा सहारा
बद्दी (सोलन)। मांगों को लेकर प्रदेश में डाक्टरों द्वारा आरंभ की गई हड़ताल का सरकारी अस्पतालों व चिकित्सालयों में व्यापक असर रहा है। चिकित्सा खंड नालागढ़ के दो सीएचसी व 13 पीएचसी में पेन डाउन हड़ताल के पहले दिन सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक ओपीडी में किसी भी मरीज को चैक नहीं किया गया। इस कारण सरकारी अस्पातल व चिकित्सालयों के बाहर मरीजों की लंबी कतारें मौजूद रही। हड़ताल के चलते बीबीएन के निजी क्लीनिकों की जरूर मौज रही। नौकरी पेशा लोगों व बिमारी से परेशान लोगों ने प्राइवेट क्लीनिकों में मंहगी फीस के साथ उपचार की मजूबरी को प्राथमिकता देनी पड़ी है। डाक्टरों की हड़ताल से परेशान लोगों को 12 फरवरी तक इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ेगा। परेशान मरीजों ने कहा कि सरकार व डाक्टरों की इस लड़ाई में उन्हें बिना कारण आर्थिक व मानसिक परेशानी में डाला जा रहा है। कहा कि मांगे मनवाने के लिए मरीजों को इस प्रकार प्रताडित करना सही नहीं है। हड़ताल से गर्भवती महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक सबसे अधिक मुश्किल
में रहे।
दो घंटे देरी से हुए मरीज बेहाल
परवाणू/धर्मुपर (सोलन)। डॉक्टरों की दो घंटे पेन डाउन स्ट्राइक का असर परवाणू और धर्मपुर के अस्पतालों में भी देखने को मिला। ईएसआई अस्पताल मेें शुक्रवार को मरीजों का इलाज दो घंटे देरी से शुरू हुआ। इससे रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह के समय ओपीडी साढ़े 9 बजे की बजाय साढ़े 11 बजे लगी। हालांकि इस दौरान अस्पताल में आपातकालीन कक्ष रोजाना की तरह चलते रहे। लेकिन ओपीडी में इलाज के लिए आए मरीजों को काफी देर तक परेशानी उठानी पड़ी। अस्पताल खुलते ही सुबह के समय काफी तादात में मरीजों ने पर्चियां बनवा लीं थीं लेकिन किसी भी ओपीडी में कोई चिकित्सक मरीजों को देखने के लिए नहीं आया। वहीं धर्मपुर में भी यही हाल रहा। ईएसआई के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद कपिल ने कहा कि प्रदेश में चिकित्सकों की स्ट्राइक के चलते परवाणू में भी दो घंटे तक चिकित्सकों की पेन डाउन स्ट्राइक रहीं।
कुनिहार और अर्की में भी दिक्कत
कुनिहार/अर्की। कुनिहार और अर्की अस्पताल में भी हड़ताल का असर पूरा देखने को मिला। हालांकि अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों ने सुबह दो घंटे तक आपातकालीन सेवाओं को जारी रखा। साथ ही प्रतिदिन की तरह सुबह दो घंटे ओपीडी में न बैठकर आपातकालीन सेवाओं में अपनी ड्यूटी दी। प्रतिदिन 200 से 250 ओपीडी रहने वाले कुनिहार अस्पताल में हड़ताल के कारण सुबह के समय कम मरीज दिखे। लेकिन बाद में हालात सामान्य दिखे।