परवाणू के पुरला गांव में पेयजल किल्लत के बाद बर्तन लेकर खड़ी महिलाएं। संवाद
एक किलोमीटर दूर से महिलाएं ला रही हैं पीने का पानी
लोगों ने स्थानीय पंचायत प्रधान को भी लिखा है पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू(सोलन)। औद्योगिक शहर परवाणू में पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-22 के साथ लगती टकसाल पंचायत के पूरला गांव में पेयजल किल्लत से लोग परेशान हैं। रोजमर्रा की जरूरत के लिए भी पूरला गांव की महिलाओं को पानी दूर-दराज से लाना पड़ रहा है। गांव में स्थित बावड़ी से पानी भरने के लिए सुबह से लोगों की कतार लग जाती हैं। महज एक-दो बाल्टी पानी भरने के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
पूरला गांव में जलशक्ति विभाग के द्वारा एक दिन छोड़ कर पानी की जलापूर्ति की जाती है। परंतु पर्याप्त पानी न मिलने से महिलाओं को पानी की व्यवस्था करने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। गांव में टकसाल पंचायत द्वारा प्राकृतिक स्त्रोत से आ रहे पानी को लगभग एक किलोमीटर दूर से पाइपों के माध्यम से वर्ष 1985 में पहुंचाया था। इस पानी को यहां की स्थानीय बावड़ी में डाला गया था। इससे ग्रामीणों को 24 घंटे पानी मिलता था, मगर अब पाइप टूट चुके हैं। पानी आना बंद हो गया है और क्षेत्र के ग्रामीण पेयजल किल्लत झेल रहे हैं। यहां की आबादी लगभग 1700 है।
पूरला ग्राम सुधार समिति के चेयरमैन पवन समेला ने बताया कि क्षेत्र में गर्मियां पड़ने से पूरला गांव में पेयजल किल्लत बढ़ गई है। लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। कई लोग बाजारों से बोतलें खरीदकर पीने के पानी का इंतजाम कर रहे हैं। पानी की समस्या के बारे में पंचायत प्रधान को भी पत्र लिखा गया है।
उधर, जलशक्ति विभाग के सहायक अभियंता ई. भानु ने बताया की अभी तक पूरला गांव से पानी के पानी की किल्लत की कोई शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत आती है तो देखा जाएगा कि कहां से समस्या आई है।