शहर के अप्पर बाजार, मेन बाजार, शिल्ली रोड और चौक बाजार में 50 साल पुराने ड्रेनेज सिस्टम को अंडरग्राउंड किया जाएगा।
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शहर के अप्पर बाजार, मेन बाजार, शिल्ली रोड और चौक बाजार में 50 साल पुराने ड्रेनेज सिस्टम को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इन बाजारों के कारोबारियों ने नगर परिषद की मुहिम का समर्थन कर नालियां पर किए अतिक्रमण को हटाने की हामी भी भर दी है। इस कड़ी के तहत अप्पर बाजार में कारोबारियों के समर्थन के चलते नालियों के ऊपर बनाए थड़े तोड़कर ड्रेनेज सिस्टम को अंडर ग्रांउड कर दिया है।
नगर परिषद ने प्रथम चरण में अप्पर बाजार और शिल्ली रोड पर कार्य शुरू किया था। इसके चलते अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम की सुविधा को देखते हुए स्थानीय कारोबारियों ने सड़कों के किनारे अवैध रूप से कब्जों को हटाने की मुहीम शुरू कर दी है। शहर के मेन बाजार, मालरोड, शिल्ली रोड और चौक बाजार में कई जगह यह कार्य किया जा चुका है। कुछ जगहों पर यह कार्य करना शेष है।
इन समस्याओं से मिलेगी निजात
कई साल पुराने ड्रेनेज सिस्टम को दोबारा सही ढंग से बनाया जा रहा है। पुराने ड्रेनेज सिस्टम से बरसात के दिनों में पानी नालियों में भर जाता था। नालियां चॉक रहती थीं। कई दिन तक पानी ठहरा होने से गंदगी का आलम रहता है। इसके कारण जहां दुकानदारों को हर समय बदबू में रहने को मजबूर होना पड़ता था वहीं खरीदारी करने वालों को भी परेशानी होती थी। साथ ही दुकानदारों द्वारा नालियों के ऊपर अवैध रूप से स्लैब डालने से नप के कर्मचारियों को इन नालियों की सफाई करने में मुश्किल होती थी।
बरसात से पहले पूरा होगा कार्य : आनंद
नगर परिषद की उपाध्यक्ष मीरा आनंद ने बताया कि अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम का कार्य बरसात से पहले पूरा किया जाएगा। इससे नालियां खुली गंदगी से भरी नहीं दिखेंगी। इससे पहले नप द्वारा शिल्ली रोड और चौक बाजार में अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम को तथा टाइलें बिछाने का कार्य पूरा किया जा चुका है। कारोबारियों और स्थानीय लोगों का सहमति से काम हो रहा है।
लोगों के सहयोग से
पूरा होगा काम : नप
नप अध्यक्ष पवन गुप्ता ने बताया कि 50 वर्ष पुराने ड्रेनेज सिस्टम को अंडरग्राउंड किया जाएगा। यह कार्य नप के जन सहयोग से चलाया जा रहा है। स्थानीय दुकानदारों द्वारा सड़क के किनारे बनाए अवैध प्लेटफार्म को हटाए जाने के बाद सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। इससे लोग आराम से खरीदारी कर सकेंगे। शहर को सुंदर बनाने के कार्य में लोगों ने अपनी रुचि दिखाई है। इसके साथ ही विभिन्न व्यापारी संघों और निजी संस्थानों ने आर्थिक तौर पर भी आगे आकर नप की सहायता की है।