ट्रकों में तोड़फोड़, दो चालकों से मारपीट
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बद्दी ट्रक विवाद सुलझ गया है। एसडीएम विवेक महाजन ने शुक्रवार शाम दोनों पक्षों के साथ बैठक की। नगर परिषद हालत में आयोजित बैठक में दोनों के पक्ष सुने गए। दोनों पक्षों ने माना कि भविष्य में ट्रक यूनियन व उद्योग आपस में मिल-बैठकर कानून का पालन करते हुए काम करेंगे और किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं आएगी। बीते दिन मोरपिन रोड पर स्टील के डिब्बे बनाने वाले एक उद्योग में ट्रकों में तोड़फोड़ हुई, और आधा दर्जन से अधिक ट्रकों के शीशे तोड़ दिए गए थे। इस दौरान दो लोग घायल भी हुए। उद्योग संघ ने इस मामले को प्रशासन के सामने उठाया था। इस पर एसडीएम ने उद्योग संघ व ट्रक यूनियन की बैठक बुलाई और दोनों पक्षों की बात सुनी।
उद्योग संघ के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने बताया कि संघ के दो सदस्यों ने उन्हें सूचना दी थी कि उनके उद्योग में तोड़फोड़ हुई है। तोड़फोड़ करने वाले यूनियन के लोग थे। लेकिन ट्रक यूनियन ने इस में अपना हाथ न होने की बात कही। लेकिन वह प्रशासन से मांग करते है कि जो भी लोग तोड़फोड़ में शामिल थे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए जिससे भविष्य में किसी भी उद्योग में ऐसी कोई कार्रवाई न हो। राजीव अग्रवाल ने कहा कि ट्रक यूनियन के पदाधिकारी मूल्यांकन करें कि वह कितना भाड़ा ले रहे हैं।
अन्य स्थानों से यह भाड़ा कितना अधिक है। अगर वे उद्योगों को यहां पर बसाना चाहते हैं तो भाड़े को लेकर विचार करें। ट्रक यूनियन का भाड़ा सामान्य होगा तो बाहर से ट्रक नहीं उद्योगपति मंगाएंगे। ट्रक यूनियन के प्रधान हरभजन चौधरी ने कहा कि कुछ चीजों को लेकर उद्योग संघ को गलतफहमी हो गई थी। दोनों पक्षों ने एक साथ बैठकर उसे दूर कर लिया है और भविष्य में दोनों मिलकर काम करेंगे। बैठक में उद्योग विभाग के उपनिदेशक योगेश गुप्ता, ट्रक यूनियन के प्रधान हरभजन चौधरी, महासचिव दिनेश कुमार नालागढ़ ट्रक ऑपरेटर सोसायटी के प्रधान जितेंद्र ठाकुर, उद्योग संघ के प्रधान राजीव अग्रवाल, महासचिव वाईएस गुलेरिया, सिंधू बाजवा, वर्धमान ग्रुप से आईजीएमएस सिद्धू व शैलेष आवाल भी उपस्थित रहे।
एसडीएम बोले, कोई भी कानून को हाथ में न लें
एसडीएम बद्दी विवेक महाजन ने कहा कि दोनों पक्षों ने आपसी मतभेद दूर करने के बाद एक साथ काम करने की बात कही है। स्टील के डिब्बे बनाने वाले उद्योग में जो तोड़फोड़ हुई है, उसके लिए बद्दी पुलिस मामला दर्जकर छानबीन कर रही है। दूसरी ओर ट्रक यूनियन की ओर से बीच सड़क में तंबू लगा लगाने पर इंडोफार्मा उद्योग को आपत्ति थी, जिसे यूनियन ने तत्काल से हटाने के निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि कोई भी कानून को अपने हाथ में न लें।