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लॉकडाउन से मनरेगा, जलशक्ति और लोनिवि को मिलेगी रियायत

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सोलन। लॉकडाउन में रियायत के साथ ही ग्रामीण इलाकों में बंद पड़े विकास कार्य दोबारा शुरू हो सकते हैं। घरों में बेरोजगार हो चुके मनरेगा मजदूरों को दोबारा काम पर लौटने के आदेश जारी हो सकते हैं। इसके अलावा जलशक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग के भी कई रुके पड़े कार्य 20 अप्रैल से दोबारा शुरू हो सकते हैं।
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प्रशासन ने लॉकडाउन में ढील का पूरा खाका तैयार कर लिया है। इसमें सीमेंट और अन्य जरूरी उद्योग शुरू करने की भी पूरी तैयारी है। हालांकि यह रियायत शर्तों के आधार पर ही दी जाएगी और इसमें किसी भी सूरत में कोई व्यक्ति सोलन जिला से बाहर नहीं जा पाएगा। लोगों को सीमित क्षेत्र और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कार्य करने की स्वीकृति प्रदान की जा सकती है। इसके अलावा जिला की सीमाएं लॉकडाउन की अवधि 3 मई तक बंद रहेंगी और कोई भी व्यक्ति बाहरी राज्य से प्रवेश का प्रयास करता है तो उसे पकड़कर क्वारंटीन सेंटर में भेज दिया जाएगा। प्रशासन ने सख्ती से इन आदेशों को लागू करने पर जोर दिया है। फिलहाल, गर्मियां बढ़ने के साथ ही पेयजल किल्लत न हो इसे ध्यान में रखते हुए जलशक्ति विभाग के कुछ कार्य करने की इजाजत देने का खाका प्रशासन ने तैयार किया है। यह कार्य सर्दियों के मौसम में पाइपलाइन को हुए नुकसान या नई पाइपलाइन बिछाने से जुड़े हुए हो सकते हैं। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग को छिटपुट रूप से सड़कों की मरम्मत और डंगे लगाने के कार्य शुरू करने की इजाजत 20 अप्रैल से मिलने की संभावना अब जाग गई है। इसके अलावा कुछ कार्यालय जिनमें कुरियर सर्विस और आईटी क्षेत्र शामिल हैं को भी शर्तों पर खुला रखने की इजाजत दी सकती है। बहरहाल, प्रशासन ने लॉकडाउन-2 का पूरा खाका तैयार कर लिया है और इसे 20 मई से लागू कर दिया जाएगा।
रियायत को खुली छूट न समझें : उपायुक्त
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने बताया कि 20 अप्रैल से मनरेगा, जलशक्ति और लोनिवि के कुछ कार्यों में ढील दी जा सकती है। इसके अलावा सीमेंट समेत अन्य जरूरी उद्योगों को भी खोलने की स्वीकृति पर विचार किया जा रहा है, लेकिन 3 मई तक जिला की सीमाएं पूर्ण रूप से सील ही रहेंगी और किसी को एक जगह से दूसरी जगह जाने की इजाजत नहीं होगी। कोई व्यक्ति जिला की सीमा में पकड़ा जाता है तो उसे 14 दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रियायत का यह अर्थ नहीं है कि लोगों को को खुली छूट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि नियमों का पालन करना ही होगा।
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बीबीएन में कंपनी को करनी होगी वाहन की व्यवस्था
सिलसिलेवार कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने के बाद चर्चा में आए बीबीएन क्षेत्र में लॉकडाउन की ढील का ज्यादा असर नहीं दिखेगा। यहां केवल फार्मा उद्योग को ही सीमित दायरे में काम करने की इजाजत रहेगी। जो क्षेत्र पूर्ण रूप से सील किए गए हैं उनमें सभी गतिविधियां तीन मई के बाद ही शुरू हो पाएंगी। इन क्षेत्रों में प्रशासन होम डिलीवरी का प्रबंध करता रहेगा। बीबीएन में 18 हजार कामगार काम करते हैं और जो उद्योग लॉकडाउन में रियायत की अवधि में खुले रहेंगे। उनमें कर्मचारियों को लाने और ले जाने का समय तय रहेगा, जिन्हें सिर्फ कंपनी की गाड़ी से ही क्वार्टर और फिर उद्योग तक लाया जा सकता है।
ग्रामीण इलाकों में पंचायत प्रतिनिधि करेंगे निगरानी
प्रशासन ने ग्रामीणों इलाकों में हो रही हलचल की निगरानी का जिम्मा पंचायत प्रतिनिधियों को सौंप दिया। बाहर से आने वाले लोगों की जानकारी पंचायत प्रतिनिधि प्रशासन को देंगे और प्रशासन की टीम मौके पर जाकर व्यक्ति को क्वारंटीन सेंटर में डाल देगी। जहां व्यक्ति के स्वास्थ्य की जांच होगी। प्रशासन ने बिना इजाजत जिला की सीमा में दाखिल होने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही बीबीएन के चोर रास्तों को बंद किया गया है और बाहर से आने वाले मालवाहक वाहनों को भी निरंतर जांचा जा रहा है।
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