क्षेत्रीय अस्पताल के शिशु रोग ओपीडी के बाहर भी लग रही कतारें,मरीजों की हिस्ट्री खंगाल रहा विभाग
पानी में खराबी और खान-पान ने बिगाड़ी बच्चों की सेहत
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में गर्मियों के शुरुआती दौर में ही डायरिया ने दस्तक दे दी है। अस्पतालों में बच्चे रोजाना डायरिया से पीड़ित होकर उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। रोजाना पांच से छह मामले आना शुरू हो गए हैं। ऐसे में जिला स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं भी बढ़ गई है। क्षेत्रीय अस्पताल में भी शिशु रोग ओपीडी के बाहर अभिभावक बच्चों को लेकर कतारों में खड़े हाे रहे हैं। राहत की बात यह है कि अभी तक अधिक गंभीर हालत में डायरिया से पीड़ित बच्चा नहीं आया है। प्रारंभिक तौर पर बच्चे को ओपीडी में उपचार देकर घर भेजा जा रहा है और आराम करने की सलाह दी जा रही है। इसी के साथ ओआरएस का घोल पिलाने के लिए भी अभिभावकों को कहा जा रहा है, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। अस्पतालों में आने वाले बच्चों की स्वास्थ्य विभाग हिस्ट्री भी खंगाल रहा है। अगर एक ही जगह से मामले बढ़ते हैं या बार-बार मामले आते हैं, तो तुरंत पानी के सैंपल जांच के आदेश भी दिए हैं। चिकित्सकों का मानना है कि पानी में खराबी होने और सही खान-पान न होने से बच्चों की सेहत बिगड़ रही है। बच्चों में दो दिनों के भीतर ही लक्षण दिखाई देने शुरू हो रहे हैं। इसके बाद उल्टी और दस्त से बच्चे पीड़ित हो रहे हैं। सोमवार को भी क्षेत्रीय अस्पताल में डायरिया से ग्रसित बच्चों का उपचार करवाने के लिए परिजन पहुंचे। ऐसे में ओपीडी में छह डायरिया से ग्रसित बच्चों को उपचार दिया गया। साथ ही परिजनों को बच्चों का ध्यान रखने के लिए भी कहा है। इसके अलावा जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी पीड़ित बच्चे आ रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से भी गंभीर बच्चों को वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है, जबकि सामान्य स्थिति होने पर घर भेज दिया जाता है। गौर रहे कि इन दिनों गर्मियों का मौसम शुरू हो गया है। कई जगहों पर पानी की किल्लत का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। ऐसे में बच्चों को शुरुआती दिनों में ही परेशान होना पड़ रहा है। प्राकृतिक जलस्रोतों का पानी पीने से बच्चों में डायरिया जैसे लक्षण आना शुरू हो गए है। मामले आते ही विभाग भी अलर्ट हो गया है।
इनसेट
डायरिया के लक्षण
-दस्त
-बुखार
-पेट दर्द और ऐंठन
-जी मिचलाना और बार-बार उल्टी महसूस होना।
कोट
अस्पताल में डायरिया से पीड़ित बच्चे आ रहे हैं। पानी में खराबी और खानपान के कारण बच्चों की सेहत खराब हो रही है। लोगों से आग्रह है कि पानी को उबाल कर ही सेवन करें, ताकि बीमारियों से बचा जा सके।
-डॉ. धर्मेंद्र कुमार,शिशु रोग विशेषज्ञ, आरएच सोलन
कोट
डायरिया मामलों को लेकर घरद्वार पर लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए आगामी दिनों में अभियान चलेगा। घरद्वार पर ओआरएस भी बांटा जाएगा। इसके लिए आशा वर्कर और हेल्थ केयर वर्कर की ड्यूटी लगा दी है। अस्पतालों में दवाओं का कोट पूरा कर दिया है।
-डॉ. अजय पाठक,मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन