सरकार ने स्कूल प्रबंधकों को ही वर्दी तय करने के दिए थे निर्देश
अभी छठी से दसवीं की छात्राएं पहले वाली वर्दी में ही आएंगी नजर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट वर्दी को बंद करने के बाद स्कूलों को स्वयं अपने स्तर पर वर्दी का चयन करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि स्मार्ट वर्दी के बदले प्रदेश सरकार की ओर से विद्यार्थियों को खरीद के लिए राशि प्रदान की जाती है। इसके तहत जिला मुख्यालय माल रोड स्थित छात्रा स्कूल सोलन जिला का पहला स्कूल बना है, जिसने अपने स्तर पर जमा एक और दो कक्षाओं की छात्राओं की वर्दी में बदलाव कर दिया है। हालांकि अभी छठी से दसवीं कक्षा तक की छात्राएं पहले वाली वर्दी में ही नजर आएंगी।
जानकारी के अनुसार पहले प्रदेश सरकार की ओर से स्कूलों को स्वयं डिमांड के अनुसार स्मार्ट वर्दी प्रदान की जाती थी। जिसमें पूरे प्रदेश में सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों की एक जैसी वर्दी होती थी। वहीं वर्दी में गडबड़ी होने के बाद सरकार ने वर्दी देना भी बंद कर दिया। इस बीच सरकार विद्यार्थियों को वर्दी के बदले स्वयं खरीद के लिए राशि प्रदान करती है। वहीं अब स्कूलों को अपने स्तर पर अपनी पसंद से वर्दी लगाने के निर्देश भी दिए हैं। जिसके तहत छात्रा स्कूल सोलन ने जमा एक और दो कक्षा की वर्दी में बदलाव कर दिया है।
प्रधानाचार्य लक्ष्मी श्याम ने बताया कि ट्रायल पर प्रारंभिक चरण में जमा एक और दो की वर्दी में बदलाव किया है। जिसमें पीच कलर की कमीज, चॉकलेट ब्राउन सलवार, दुपटा, जुराबें और रिबिन शामिल किया है। इसके अलावा ठंड में ब्राउन रंग का स्वेटर, कोट (ब्लेजर) रहेंगे। बुधवार और शनिवार को पहले वाले ट्रेक सूट ही रहेंगे।