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डेेंगू की दस्तक सेे सोलन जिला में अलर्ट जारी, एलिजा टेस्ट फ्री

Wed, 27 Jul 2016 10:08 PM IST
ब्यूरो, सोलन
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जिला के ऊपरी क्षेत्रों में पीलिया तो मैदानी क्षेत्रों में जानलेवा डेंगू ने दस्तक दे दी है। शहर के सपरूण पावरहाउस के पास 55 वर्षीय बुजुर्ग की आईजीएमसी में पीलिया से मौत के बाद अब परवाणू में डेंगू के पॉजिटिव मामले आना शुरू हो गए हैं। - फोटो : Demo pic
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जिला के ऊपरी क्षेत्रों में पीलिया तो मैदानी क्षेत्रों में जानलेवा डेंगू ने दस्तक दे दी है। शहर के सपरूण पावरहाउस के पास 55 वर्षीय बुजुर्ग की आईजीएमसी में पीलिया से मौत के बाद अब परवाणू में डेंगू के पॉजिटिव मामले आना शुरू हो गए हैं। बुधवार को एक डेंगू का एक मामला पाजिटिव आया है। डेंगू के रोगियों के बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने अर्ल्ट जारी कर दिया है। सोलन, परवाणू, बद्दी/नालागढ़ में डेंगू की पहचान करने वाले एलिजा टेस्ट के केंद्र स्थापित करने के फरमान जारी कर दिए हैं।
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एक दो दिन में यहां रोगियों को मुफ्त टेस्ट की सुविधा मिल जाएगी। संबंधित विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों और नगर निकायों को अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने तथा फॉगिंग करने के आदेश दिए हैं। पिछले वर्ष परवाणू और बीबीएन में करीब 1000 लोग डेंगू से पीड़ित निकले थे। अकेले परवाणू में ही 450 को डेंगू ने अपने चपेट में लिया था। इसमें 150 को गंभीर हालत के चलते आईजीएमसी या चंडीगढ़ रेफर करना पड़ा था। जनवरी -फरवरी में 600 लोगों को पीलिया ने अपनी चपेट में लिया था।

यह है डेंगू फीवर
डेंगू फीवर एक वायरल बीमारी है। कोई रोगी डेंगू फीवर से ठीक हो जाता है, तो उस मरीज को उस एक प्रकार के डेंगू वायरस से लंबे समय के लिए प्रतिरोध क्षमता मिल जाती है। अन्य तीन प्रकार के डेंगू वायरस से डेंगू फीवर दोबारा हो सकता है। दूसरी बार होने वाला फीवर गंभीर होता है। इसे डेंगू हैमेराजिक फीवर कहते हैं।
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ऐसे होता है डेंगू फीवर
यह बुखार हवा, पानी, साथ खाने से या छूने से नहीं फैलता। यह संक्रमित स्त्री / मादा जाति के एडिस एजिप्टी नामक मच्छर के काटने से होता है। किसी व्यक्ति को डेंगू है और उस व्यक्ति को यह मच्छर काट कर उसका खून पीता है तो उस मच्छर में यह खून चला जाता है। यह संक्रमित मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काट लेता है तो डेंगू वायरस उस व्यक्ति के भीतर भी चला जाता है।

ऐसे पहचाने डेंगू मच्छर को
1-यह दिन में ज्यादा सक्रिय होते हैं।
2-इन मच्छरों के शरीर पर चीते जैसी धारियां होती हैं।
3- ज्यादा ऊपर तक नहीं उड़ पाते है।
4- ठंडे और छांव वाले जगहों पर रहते हैं।
5-  पर्दों के पीछे या अंधेरे वाली जगह पर रहते हैं।
6- घर के अंदर रखे हुए शांत पानी में प्रजनन करते हैं।
7-गटर या रस्ते पर जमा खराब पानी में कम प्रजनन
8- पानी सूखने के बाद अंडे 12 माह तक जीवित

डेंगू के लक्षण
संक्रमित मच्छर के काटने के 3 से 14 दिन बाद डेंगू बुखार के लक्षण दिखने शुरू होते हैं।
 1- तेज ठंड के साथ बुखार आना
 2-सिरदर्द
 3-आंखों में दर्द
 4- बदन दर्द / जोड़ों में दर्द
 5- भूख कम लगना
 6- जी मिचलाना, उलटी
 7- दस्त लगना
 8- चमड़ी के नीचे लाल चट्टे आना
 9- गंभीर स्थिति में आंख और नाक में से खून निकलना

क्या है इलाज?
डेंगू की रोकथाम प्रिवेंशन से ही संभव है। इसके लिए कोई विशेष दवा या वैक्सीन नहीं है। लक्षण का पता चलते ही चिकित्सक की सलाह जरूर लें। रोगी को डॉक्टर की सलाह अनुसार आराम करना चाहिए और समय पर दवा लेनी चाहिए। रोगी को पर्याप्त मात्रा में आहार और पानी पीना चाहिए। बुखार या सिरदर्द के लिए एसप्रिन और ब्रूफेन आदि का प्रयोग न करें। नियमानुसार प्लेटेट काउंट अवश्य करें।

बचाव के उपाय
01- घर के अंदर और आसपास पानी जमा न होने दें।
2-बर्तन में या खुले में पानी न जमने दें।
03-बर्तन को खाली या उसे उलटा कर रखें।
04-घर में कीटनाशक का छिड़काव करें।
05- कूलर का पानी रोज बदलें
06- खिड़की और दरवाजे में जाली लगाकर रखें
07-ऐसे कपडे़ पहनें जो पूरे शरीर को ढक सकें।
08-रात को सोते वक्त मच्छरदानी लगाकर सोएं।

पीलिया की इस तरह करें पहचान
सोलन। पीलिया एक वायरल रोग है। इसे सामान्य भाषा में जोंडिस कहते हैं। यह लीवर का खतरनाक रोग है। दूषित पानी से यह रोग होता है। पीलिया रक्त में बिलिरयूबिन की मात्रा बढ़ने से होता है। हैपिटाइटस एक और ई खाने तथा पानी से शरीर में पहुंचता है। हैपिटाइटस एक भारत में पाया जाता है। इससे महामारी फैलने का खतरा रहता है। ई उन स्थानों पर पाया जाता है, जहां सफाई का प्रबंधन ठीक नहीं रहता।  त्वचा का रंग पीला सा है, आंखों में पीलापन है और मूत्र भी पीले रंग का आए तो यह सभी लक्षण पीलिया के हैं।

पीलिया के सामान्य लक्षण
01-  बदनदर्द, सिरदर्द, कमजोरी या थकान
02- भूख कम लगना
03-जी मचलाना
04-दस्त
05- बुखार
06-पेट में दाईं तरफ, ऊपर की ओर हल्का दर्द
07 -खुजली और जोड़ो में दर्द
08- हलके रंग का मल होना

पीलिया में क्या करें क्या ना करें
01-आराम करें।
02- शराब का सेवन न करें
03- धूम्रपान न करें और कोई ओर धूम्रपान कर रहा है तो उससे भी दूर रहें।
04- शुद्ध और स्वच्छ पानी का ही इस्तेमाल करें।
05- डॉक्टर कि सलाह अनुसार अपने आहार में बदलाव करें।
06- कम वसा युक्त आहार लेना चाहिए।
07-ज्यादा तेल, घी और मिर्च-मसाले युक्त आहार नहीं देना चाहिए।
08- रोगी को फल, हरी सब्जियां और सब्जियों का सूप बनाकर देना चाहिए।
09- पानी को उबाल कर कम से कम 10 मिनट तक उबालें

डेंगू के टेस्ट होंगे फ्री : सीएमओ
सीएमओ डॉ. आरके दरोच ने कहा कि विभाग ने अर्ल्ट जारी कर दिया है। बताया कि डीसी की अध्यक्षता में बैठक हो चुकी है। इसमें सभी विभागों के अध्यक्ष मौजूद रहे। रोगों से बचाव और तैयारियों की पूरी जानकारी दी जा चुकी है। हालांकि यह रूटीन प्रोसेस है। जलजनित रोगों के बारे में भी मीटिंग हो गई है। एसडीएम की अध्यक्षता में ब्लॉक लेवल मीटिंग करने के निर्देश है। लोगां को इन बीमारियों के प्रति जागरूक करने का अभियान शुरू हो गया है। स्वास्थ्य विभाग डेंगू के एलिजा रीडर टेस्ट फ्री करने जा रहा है।

लोग खुद बरतें सावधानी : डीसी
डीसी डॉ. राकेश कंवर ने कहा कि संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। जलजनित रोगों से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है। मच्छरों को पनपने न देने के लिए विशेष सफाई अभियान और फॉगिंग के लिए कहा है। पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने लोगों से पैनिक क्रिएट न करने की अपील की है। पीलिया और डेंगू को लेकर एहतियात बरने की अपील की है।
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