फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Solan News: टमाटर का न्यूनतम खरीद मूल्य तय करने की उठी मांग

Sat, 19 Sep 2026 12:23 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
विज्ञापन
सब्जी मंडियों में टमाटर के दाम न मिलने और किसानों की परेशानियों को लेकर उपयुक्त सोलन कार्यालय क
विज्ञापन
किसान सभा ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन
विज्ञापन

सोलन में हिमाचल किसान सभा के बैनर तले किसानों ने किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल किसान सभा ने शुक्रवार को जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर टमाटर उत्पादक किसानों समेत प्रदेश के अन्य किसानों की समस्याएं उठाईं। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में किसान सभा के स्थानीय नेताओं और फसल उत्पादक किसानों ने भाग लिया। इस दौरान किसानों ने मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
ज्ञापन में टमाटर का न्यूनतम खरीद मूल्य उत्पादन की वास्तविक लागत से कम से कम 50 फीसदी अधिक निर्धारित करने की मांग की गई। इसमें बीज, खाद, दवाइयां, सिंचाई, मजदूरी और परिवहन समेत सभी खर्च शामिल करने की मांग की गई है। किसानों ने बाजार भाव गिरने की स्थिति में राज्य सरकार या अधिकृत सरकारी एजेंसियों के माध्यम से घोषित न्यूनतम मूल्य पर टमाटर खरीद की व्यवस्था लागू करने की अपील की।
विज्ञापन

वहीं किसानों ने सोलन जिले में टमाटर प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने के साथ टमाटर और अन्य शीघ्र खराब होने वाली सब्जियों व फलों के लिए पूर्व-शीतलन केंद्र, शीत भंडारण, शीत श्रृंखला और वैज्ञानिक पैकेजिंग की व्यवस्था करने की मांग की। मंडियों में पारदर्शी नीलामी, सही तोल, समयबद्ध भुगतान और अनावश्यक कटौतियों पर रोक सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।

सस्ते कृषि उत्पादों के आयात पर नियंत्रण की मांग
किसान सभा ने केंद्र सरकार से ऐसे मुक्त व्यापार समझौते लागू नहीं करने की अपील की, जिनसे विदेशों से सस्ते कृषि उत्पादों का आयात बढ़े और घरेलू किसानों को मिलने वाले बाजार भाव प्रभावित हों। घरेलू उत्पादन के मौसम में समान कृषि उत्पादों के अनियंत्रित आयात पर नियंत्रण लगाने की मांग भी की गई।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश टेनेंसी एवं लैंड रिफॉर्म्स एक्ट, 1972 की धारा 118 को उसके मूल किसान हितैषी स्वरूप में बनाए रखने और गैर-कृषकों के पक्ष में कृषि भूमि के हस्तांतरण संबंधी सुरक्षा प्रावधानों को कमजोर न करने की मांग उठाई गई।
विज्ञापन


सिंचाई और आपदा राहत पर जोर
किसानों ने सरकारी कृषि परियोजनाओं और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में स्थानीय कृषकों को प्राथमिकता देने की मांग की। लघु सिंचाई योजनाओं, वर्षा जल संचयन और ड्रिप सिंचाई जैसी जल संरक्षण योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की अपील की गई। प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को हुए नुकसान का शीघ्र सर्वेक्षण करवाकर पर्याप्त मुआवजा देने की मांग भी ज्ञापन में रखी गई। किसान सभा के ब्लॉक सचिव नीतीश ठाकुर ने कहा कि सोलन जिला टमाटर उत्पादन का प्रमुख क्षेत्र है और किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। किसान सभा सोलन के अध्यक्ष मनोहर मेहता ने कहा कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य में किसान हितों की रक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि धारा 118 को कमजोर करने से छोटे और सीमांत किसानों की भूमि पर दबाव बढ़ सकता है। प्रदर्शन करने वालों में प्रदर्शन में केसव, प्यारे लाल वर्मा, विकास ठाकुर, मोहित वर्मा, नवल किशोर, सुमन, चंद्र दत्त शर्मा, अमन ठाकुर, संजीव समेत कई किसान और समर्थक मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें