यहां जानें पूरा मामला
पुलिस सूत्रों के अनुसार 23 फरवरी से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के तीन युवकों अरबाज, सौरव और सिद्धार्थ को स्थानीय युवा कांग्रेस नेता के नाम पर रोहड़ू के बडियारा के एक निजी होटल में बुक कमरा नंबर 206 में ठहराया गया था। बुधवार तड़के करीब 5:00 बजे दिल्ली पुलिस के तीन कर्मचारी वर्दी में होटल पहुंचे। होटल स्टाफ को कमरा खोलने के लिए कहा। इसके बाद दिल्ली पुलिस टीम होटल के रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों के साथ तीनों युवकों को साथ लेकर चली गई। सूचना मिलते ही शिमला पुलिस ने नाकाबंदी कर दिल्ली पुलिस की दो गाड़ियों को सुबह 10:00 बजे के करीब शिमला के शोघी बैरियर, जबकि एक गाड़ी को सोलन जिले के धर्मपुर में नाका लगाकर रोक लिया। करीब 20 कर्मियों की तीन टीमों में दिल्ली पुलिस के पांच से छह कर्मचारी वर्दी में, जबकि अन्य सादे कपड़ों में थे। हिमाचल आकर अवैध तरीके से हिरासत में लेने के आरोप में दिल्ली पुलिस पर एफआईआर दर्ज कर शिमला पुलिस दोपहर को जिला कोर्ट पहुंच गई, लेकिन मामले का समाधान नहीं हो सका।
ये है दूसरे राज्य में गिरफ्तारी का नियम
हिमाचल पुलिस के मुताबिक दूसरे राज्य की पुलिस को किसी भी अन्य जगह पर गिरफ्तारी करने से पहले स्थानीय पुलिस को सूचित करना होता है। इसके साथ ही गिरफ्तारी का वारंट होना जरूरी है। मौके की वीडियोग्राफी के साथ ही स्वतंत्र गवाहों के सामने ही गिरफ्तारी की प्रक्रिया को पूरा किया जाता है। दिल्ली पुलिस ने किसी भी प्रक्रिया का पालन नहीं किया और उनकी कार्रवाई पूरी तरह से अवैध है।
हिमाचल पुलिस की ओर से दिल्ली पुलिस के जवानों को हिरासत में लिए जाने का यह मामला अभी कोर्ट में है। बाद में ही इस मामले में कुछ कह सकेंगे। - संजय गुप्ता, मुख्य सचिव, हिमाचल सरकार
बाहरी राज्यों की जब भी पुलिस हिमाचल आती है तो स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी जाती है। नियमों के तहत कार्रवाई की जाती है। दिल्ली पुलिस ने ऐसा नहीं किया। आपसी समन्वय से ही कार्रवाई की जाती है। - नरेश चौहान, प्रधान मीडिया सलाहकार, मुख्यमंत्री
दिल्ली पुलिस के जवानों को हिरासत में लेने की कार्रवाई के बाद सीएम से मिले डीजीपी
दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों को हिरासत में लेने के बाद डीजीपी अशोक तिवारी राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री सुक्खू से मिले। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी उन्हें दी। डीजीपी ने पुलिस मुख्यालय में विभाग के उच्च अधिकारियों और गुप्तचर विभाग के अफसरों के साथ बैठक की और आगामी कार्रवाई पर चर्चा की। उन्होंने एसपी शिमला और सोलन से भी इस मामले की लगातार जानकारी लेते रहे।
हिमाचल सदन दिल्ली में भी छापा मारने पहुंच गई थी दिल्ली पुलिस
एआई समिट में प्रदर्शन करने वाले युकां कार्यकर्ताओं को पकड़ने के लिए रविवार रात को दिल्ली पुलिस की टीम दिल्ली स्थित हिमाचल सदन पहुंची थी। एक महिला के कमरे में बगैर वारंट के टीम रात सवा 12 बजे पहुंचे तो इस पर बवाल हो गया था। बीते दिन नई दिल्ली से शिमला लौटने के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिल्ली पुलिस की इस तरह की कार्रवाई को गलत करार दिया था।
पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी की ओर से जो आदेश आए थे, सोलन पुलिस ने उन आदेशों का पालन किया है। जिला शिमला पुलिस इस मामले को देख रही है। - टी. एसडी वर्मा, पुलिस अधीक्षक सोलन
युकां के राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी अलोकतांत्रिक : विनय
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा है कि युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक मूल्यों पर किया गया हमला है। उन्होंने इस कार्रवाई को शर्मनाक, अलोकतांत्रिक और तानाशाही प्रवृत्ति का उदाहरण बताया। विनय कुमार ने कहा कि युवा नेता को सिर्फ इसलिए गिरफ्तार करना कि उसने शांतिपूर्वक अपनी बात रखी, यह साबित करता है कि मोदी सरकार युवा शक्ति, सच बोलने वालों और सरकार से सवाल पूछने वालों से घबराने लगी है। उन्होंने कहा कि जो सरकार युवाओं की आवाज से डर जाए, वह कितनी कमजोर और असुरक्षित है, यह देश साफ देख रहा है। उन्होंने कहा कि देश में जो माहौल मोदी सरकार ने खड़ा किया है, उसमें हर असहमति को अपराध, हर विरोध को देशद्रोह बताने की कोशिश हो रही है। यह लोकतंत्र की जड़ें खोखली करने वाला खतरनाक कदम है। विनय कुमार ने कहा कि मोदी सरकार को याद रखना चाहिए कि देश संविधान से चलता है। किसी एक व्यक्ति के अहंकार, डर या मनमर्जी से नहीं।
जयराम ठाकुर बोले- सरकार के ईशारों पर नाचने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हो कार्रवाई
पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल पुलिस के उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है, जिन्होंने यहां आरोपियों को पकड़ने के लिए आई दिल्ली पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों को गिरफ्तार करने की कोशिश की। मंडी में पत्रकारों से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। राहुल गांधी के ईशारों पर प्रदेश सरकार ने दिल्ली स्थित हिमाचल भवन में एआई समिट में खलल डालकर देश की छवि को खराब करने की सारी योजना बनाई। उसके बाद तीन आरोपियों को एक चुने हुए प्रतिनिधि की गाड़ी से हिमाचल लाकर उन्हें रोहड़ू में सरकारी पनाह में रखा गया। जब दिल्ली पुलिस यहां इन आरोपियों को गिरफ्तार करने आई तो सोलन जिला के धर्मपुर में पुलिस टीम को ही डिटेन कर दिया गया। लेकिन जब कोर्ट में एसपी सही जबाव नहीं दे पाए। लेकिन पुलिस ने जो भी कार्रवाई की वो निदंनीय है और ऐसा प्रदेश के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। जयराम ठाकुर ने कहा कि जब भी दो राज्यों की पुलिस ऐसे ऑपरेशन चलाती है तो हमेशा ही एक-दूसरे का सहयोग करती है। लेकिन हिमाचल पुलिस अब सिर्फ कांग्रेसियों के ईशारों पर ही नाचने का काम कर रही है। प्रदेश में कानून व्यवस्था बूरी तरह से चरमरा रही है लेकिन पुलिस सिर्फ कांग्रेसी नेताओं के कहने पर ही काम कर रही है। जयराम ठाकुर ने मांग उठाई है कि सरकार के ईशारों पर नाचने वाले ऐसे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
देश का अपमान करने वालों को कांग्रेस सरकार का संरक्षण: जमवाल
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और विधायक राकेश जम्वाल ने एआई समिट में हुए प्रदर्शन प्रकरण में दिल्ली पुलिस की ओर से रोहड़ू से तीन युवा कांग्रेस पदाधिकारियों की गिरफ्तारी तथा उसके बाद सोलन के धर्मपुर में हिमाचल पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि देश की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोपियों को पकड़ने आई दिल्ली पुलिस के जवानों को ही हिमाचल पुलिस ने हिरासत में ले लिया। राकेश जमवाल ने कहा कि हिमाचल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब एक राज्य की पुलिस ने दूसरे राज्य की पुलिस की वैधानिक कार्रवाई में इस प्रकार हस्तक्षेप किया हो। इसे व्यवस्था परिवर्तन बताना प्रदेश की जनता के साथ मजाक है। यह स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश में कानून का राज नहीं, बल्कि गुंडाराज चल रहा है, जहां कांग्रेस से जुड़े लोगों को खुला संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एआई समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि धूमिल करने वाले युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बचाने के लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार सक्रिय भूमिका निभा रही है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का चरित्र अब पूरी तरह उजागर हो चुका है। एक ओर वह राष्ट्रवाद और संविधान की बातें करती है, दूसरी ओर देश के अपमान में शामिल तत्वों को संरक्षण देती है। यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए कि किसके आदेश पर और किस दबाव में यह कार्रवाई की गई। राकेश जमवाल ने कहा कि प्रदेश की जनता सब देख रही है और आने वाले समय में कांग्रेस सरकार को इसका जवाब देना होगा।