बुधवार को खुले में बनाना पड़ा बच्चों का मिड डे मील
स्कूल के साथ डंगा न होने से नाले के पानी से साथ आया मलबा
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। शीतलपुर गांव के साथ लगते नाले में बारिश का पानी आने से मलबा स्कूल में घुस गया। इससे स्कूल के शौचालय व किचन मलबे से भर गए हैं। इसके अलावा दो पुराने कमरों में भी मलबा भर गया। इससे पहले 26 अगस्त की रात को भी इसी तरह से मलबा आया था। अभी इसे किसी तरह साफ करवाया तो 3 सितंबर की रात को दोबारा नाले से पानी व मिट्टी स्कूल में घुस गई।
प्राथमिक स्कूल शीतलपुर के पीछे एक बरसाती नाला बहता है। इस नाले में हर साल पानी तेज आने पर मलबा स्कूल भवन में भर जाता है। मंगलवार स्कूल बंद होने के बाद तेज बारिश हुई जिससे स्कूल के साथ लगते नाले में पानी के साथ मलबा आया। बुधवार सुबह जब स्कूल खुला तो पूरे स्कूल में मलबा भरा हुआ था। स्कूल के अध्यापक जगदीश ने पीटीए की आपात बैठक अध्यक्ष सीमा रानी की अध्यक्षता में बुलाई और प्रस्ताव पारित करके इसकी सफाई के लिए सीएचटी व बीपीईओ को भेजा गया। उन्होंने बताया कि लंबे समय से इस नाले से मलबा आ रहा व एसएमसी यहां पर डंगा लगाने की मांग कर रहा है, लेकिन न तो पंचायत और न ही प्रशासन लोग सुध ले रहे हैं। इससे स्कूल व गांव के लोगों को उपजाऊ जमीन को खतरा बना हुआ है।
स्कूल के अध्यापक जगदीश ने बताया कि स्कूल में 51 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। जिन्हें नए भवन में बिठाया गया। पुराने भवन में हर साल मलबा भरता है। जिसे साफ करने के लिए उनके पास बजट का कोई प्रावधान नहीं होता है। एसएमसी के माध्यम से इसका मलबा हटाया जाता है। उन्होंने इस बारे में सीएचटी व बीईईओ रामशहर को अवगत करा दिया है।