पंजाब के घनौली गांव के एक 24 वर्षीय युवक की मौत के बाद प्रेमिका ने भी जहर खाकर अपनी जान दे दी। उसने अपने प्रेमी के घर के बाहर ही जहर खाया। दो दिन पूर्व घनौली निवासी हरजीत सिंह ने बद्दी में जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी थी। इससे आहत प्रेमिका भी प्रेमी के घर घनौली गई और जाहर खाकर जान दे दी। बेहोशी की हालत में उसे रोपड़ अस्पताल पहुंचाया गया जहां पर उसने दम तोड़ दिया।
इस दौरान दोनों के शव लेने से मां-बाप ने इनकार कर दिया। युवक का अंतिम संस्कार उसके चाचा ने कर दिया है जबकि युवती का शव अस्पताल में ही पड़ा है।
पुलिस के अनुसार घनौली निवासी हरजीत सिंह पिछले तीन सालों से नालागढ़ के सलेवाल निवासी एक युवती के साथ लिव इन रिलेशन में था। युवती बद्दी में किसी कंपनी में तैनात थी।
18 अगस्त को हरजीत बद्दी आया और अपनी प्रेमिका से मिला। इस दौरान उनकी मुलाकात ठीक नहीं रही जिस कारण हरजीत ने जहर खा लिया। उसके बाद उसे बद्दी के सीएचसी दो युवक छोड़ने आए और उसे वहां पर पहुंचा कर भाग गए। हालत नाजुक होने पर युवक को सीएचसी प्रभारी डा. अनिल आरोड़ा ने प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई रेफर कर दिया जहां पर उसकी मौत हो गई।
बुधवार को मौत की सूचना मिलते ही प्रेमिका पंजाब के घनौली गांव पहुंची, लेकिन घर पर कोई नहीं था। इस दौरान युवती ने घर के बाहर जहर खा लिया। पड़ोसियों ने घनौली पुलिस चौकी को इसकी सूचना दी। चौकी प्रभारी सर्वजीत ने उसे बेहोशी की हालत में रोपड़ अस्पताल पहुंचाया जहां युवती ने देर रात दम तोड़ दिया।
हरजीत के पिता की मौत के बाद उसकी मां ने घनौली में दूसरी शादी कर ली थी। उसने तीन साल पूर्व ही पहले पति से बेटे को बेदखल कर दिया था। पीजीआई में जब हरजीत की मां को शव लेने को कहा गया तो उसने यह कह कर इनकार दिया कि उसने इसे तीन साल पहले बेदखल किया हुआ है। जिस पर बद्दी पुलिस ने हरजीत के कुराली स्थित सगे चाचा को शव सौंप दिया।
हरजीत की प्रेमिका का शव रोपड़ अस्पताल में पड़ा है जिसे कोई लेने को तैयार नहीं है। युवती के माता-पिता ने यह कह कर मना कर दिया कि उन्होंने इसे तीन साल पहले ही बेदखल कर दिया है। यह युवती अपनी मर्जी से हरजीत के साथ रह रही थी।
तीन साल से युवती हरजीत के साथ लिव इन रिलेशन में रह रही थी। युवती के परिजन हरजीत के साथ विवाह करने को तैयार नहीं थे। दूसरी ओर हरजीत की मां भी उसे अपनी बहू बनाने को तैयार नहीं हुई। जिस कारण दोनों को घरवालों ने बेदखल कर दिया था।