पंजाब व हिमाचल सरकारें सयुंक्त रूप से तैयार करेंगी पुल
पुल के अभाव में अब वाहन खड्ड से निकलने को मजबूर
ओमपाल सिंह
बद्दी(सोलन)। हिमाचल को पंजाब से जोड़ने वाला दभोटा पुल 11 माह के बाद भी मरम्मत के इंतजार में है। इस पुल के दो पिलर नए सिरे से बनने हैं और पुल के चारों ओर सुरक्षा दीवार लगनी है। यह पुल पंजाब व हिमाचल दोनों सरकारों के सहयोग से बनना है। जिस पर तीन करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसमें डेढ़ करोड़ हिमाचल व इतना ही पैसा पंजाब सरकार का लगना है। मरम्मत का कार्य पंजाब के लोनिवि को करना है लेकिन अभी तक इस पुल के न तो टेंडर हुए हैं और न ही काम लगा है। जबकि कुछ ही दिन बाद बरसात आने वाली है। खड्ड में पानी भरने से यातायात ठप हो जाएगा। इस पुल के ऊपर से प्रतिदिन 10 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं लेकिन अब यह खड्ड से होकर जा रहे हैं।
पुल मरम्मत न होने के कारण वाहन चालक कच्चे रास्ते से खड्ड से हो कर गुजरते हैं। अगर दोबारा बारिश शुरू होती है तो यहां से लोगों का यातायात संपर्क कट जाएगा। दो राज्यों की ओर से बनाए जाने वाले इस पुल की मरम्मत का कार्य शुरू न होने का खामियाजा स्थानीय लोगों व उद्योगपतियों को भुगताना पड़ रहा है। उद्योगों से पंजाब की ओर जाने तैयार माल व कच्चा माल भी इसी रास्ते से आता है।
पिछले साल जुलाई में तेज बारिश के चलते दभोटा पुल के पिलर अपनी जगह से खिसक गए थे जिससे लोनिवि ने इस पुल से वाहनों की आवाजाही को बंद कर दिया था। इस पुल का पंजाब व हिमाचल के लोनिवि के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से इसका निरीक्षण भी किया था। लेकिन उस समय इस पुल को जल्द ठीक करने के दावे हो रहे थे, लेकिन 11 माह बीत जाने के बाद इस पुल का अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है।
ट्रक संचालक कृष्ण कौशल, सतविंद्र सिंह, हरनेक ठाकुर व ट्रक चालक दीपू कुमार, संजय, जैल सिंह, संदेश कुमार, शिव कुमार ने बताया कि इस पुल के चालू न होने से यहां पर जाम की स्थिति बनी रहती है। पंजाब की ओर से कच्चा माल व तैयार माल लाने वाले उद्योगों को जान जोखिम में डाल कर खड्ड से वाहन लाने पड़ रहे है।
उधर, लोनिवि नालागढ़ के अधिशासी अभियंता परवरसर सिंह ने बताया कि पुल को तैयार करने के लिए 3 करोड़ रुपये का एस्टीमेट पंजाब के लोनिवि ने तैयार किया है। जिसमें डेढ़ करोड़ हिमाचल व इतना ही पंजाब सरकार वहन करेगी। हिमाचल ने अपनी राशि पंजाब के लोनिवि में जमा करा दी है। अब पंजाब की सरकार की ओर से पुल निमार्ण के लिए टेंडर लगाए जाने हैं।