स्थानीय किसानों ने आईडी जांच और चेकिंग अभियान की उठाई मांग
बोले- असली किसानों के लिए भी जगह कम पड़ रही
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर के पुराने बस अड्डे के समीप लगने वाली किसान जनता सब्जी मंडी में रविवार को खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी। बाजार से कम दामों पर ताजी सब्जियां मिलने के कारण बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंचे। हालांकि, किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी में अब वास्तविक किसानों की तुलना में तहबाजारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। किसानों के अनुसार स्थानीय किसान मंडी दरों पर या मामूली अंतर के साथ सब्जियां बेचते हैं, जबकि तहबाजारी मनमाने दाम वसूल रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसान जहां टमाटर 20 रुपये प्रति किलो बेच रहे हैं, वहीं तहबाजारी उसी टमाटर के 40 रुपये प्रति किलो तक वसूल रहे हैं। किसानों का कहना है कि प्रशासन की ओर से आईडी की जांच नहीं होने के कारण यह समस्या लगातार बढ़ रही है।
ग्राहकों को असली किसानों की पहचान करना मुश्किल
किसान राजू ने बताया कि हम स्थानीय किसान ताजी सब्जियां उचित दामों पर बेचते हैं, लेकिन रविवार को तहबाजारियों की संख्या बढ़ने से ग्राहकों को असली किसानों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
किसानों के पास हैं अधिकृत आईडी कार्ड
किसान ने बताया कि स्थानीय किसानों के पास अधिकृत आईडी कार्ड हैं, जबकि कई तहबाजारियों के पास कोई पहचान नहीं है। प्रशासन को नियमित चेकिंग करनी चाहिए, ताकि किसानों को मंडी में बैठने की पर्याप्त जगह मिल सके।
तहबाजारियों से मंडी की साख प्रभावित
किसान रमेश कुमार ने बताया कि हम हर रविवार बाजार से लगभग आधे दाम पर लोगों को ताजी सब्जियां उपलब्ध कराते हैं। इसी कारण मंडी में भीड़ बढ़ रही है, लेकिन तहबाजारियों की वजह से मंडी की साख प्रभावित हो रही है।
नारायण सिंह, किसान। ग्राउंड रिपोर्ट
नारायण सिंह, किसान। ग्राउंड रिपोर्ट
नारायण सिंह, किसान। ग्राउंड रिपोर्ट