समय पर पासपोर्ट वेरिफिकेशन नहीं करने पर पुलिस अधीक्षक सोलन ने सिक्योरिटी में तैनात एसएसआई और हेडकांस्टेबल को सस्पेंड करके लाइन हाजिर कर दिया है। शिकायत के बाद दोनों का सीधा निलंबन हुआ है।
पुलिस विभाग में इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। इससे पहले जन शिकायत निवारण समिति की बैठक में एमएमयू प्रकरण को लेकर भाजपाइयों के घुस जाने और नारेबाजी करने के आरोपों के तहत एएसआई स्तर के अधिकारी को सस्पेंशन नोटिस जारी कर दिया था। एक सप्ताह के भीतर पुलिस कर्मियों की कोताही भरी ड्यूटी को लेकर यह दूसरी कार्रवाई है।
बताया जा रहा है कि पासपोर्ट को लेकर संबंधित आवेदनकर्ता के पते और अन्य संबंधी डाक्यूमेंट्स की वेरिफिकेशन 15 दिन के भीतर करनी होती है। पुलिस विभाग के पास यह कार्य पासपोर्ट आथोरिटी से आता है। इसके बाद ही पासपोर्ट बनाया जाता है। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। कोताही का खुलासा तब हुआ जब पासपोर्ट ऑफिस से रिमाइंडर आया।
दो को किया लाइनहाजिर
एसपी सोलन अंजुम आरा ने बताया कि एसएसआई और हैड कांस्टेबल को ड्यूटी में कोताही बरतने पर लाइन हाजिर कर दिया है। राइट टू पब्लिक सर्विस एक्ट के तहत यह कार्रवाई हुई है। पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए 15 दिन का समय दिया जाता है। लेकिन सूचना मिली कि कर्मियों द्वारा यह जांच काफी समय से लंबित पड़ी हुई थी। इसके लिए कर्मियों को डायरेक्ट सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया है।