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कत्ल के मामले में दो सगे भाई दोषी करार, एक को उम्र कैद

Thu, 11 Aug 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (2) की अदालत ने कत्ल करने और कत्ल के साक्ष्यों को मिटाने के मामले में दोनों सगे भाईयों को दोषी करार दिया है। - फोटो : demo pic
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (2) की अदालत ने कत्ल करने और कत्ल के साक्ष्यों को मिटाने के मामले में दोनों सगे भाईयों को दोषी करार दिया है। धारा 302 के तहत परस राम को कोर्ट ने आजीवन कारावास और 20 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
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दूसरे आरोपी दुर्गा राम को साक्ष्य मिटाने के जुर्म में तीन साल के  कठोर कारावास और 5 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से मामले की पैरवी जिला न्यायवादी हेमंत सिंह चौधरी ने की है। कत्ल के 3 साल बाद पुलिस ने एक निजी फार्म हाउस के सैप्टिक टैंक से नर कंकाल बरामद किया था। बाद में जांच कर कत्ल की सुलझाई थी।

यह मामला
9 फरवरी 2011 में परवाणू पुलिस ने खुरद गांव में स्थित सतीश बैरी के फॉर्म हाउस के सैप्टिक टैंक से एक नर कंकाल बरामद किया था। डीएनए प्रोफाइलिंग और कंपेरिजन में पाया गया कि यह नर कंकाल बेली राम उर्फ विक्की पुत्र दीपराम निवासी खडवी सहसील आनी जिला कुल्लू का है। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्जकर इसकी छानबीन शुरू की। इसमें कत्ल की पूरी वारदात का खुलासा हो गया।
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कत्ल की यह बताई थी वजह
बेलीराम अभियुक्त परसराम की मां कमला देवी के साथ कई वर्षों से रह रहा था। कमला देवी के दो पुत्र थे। परस राम और दुर्गा राम के अलावा उसकी एक शादीशुदा बेटी भी थी। बेलीराम उनके घर के पास ही उनकी मां के साथ रह रहा था। 15 जून 2008 को परसराम और बेली राम के बीच झगड़ा हुआ।

अभियुक्त ने डंडे के साथ बेली के सिर पर प्रहार कर दिया। इससे बेलीराम वहीं ढेर हो गया। घटना के समय कातिल का भाई दुर्गा राम भी वहीं मौजूद था। इसके बाद बेलीराम की लाश को आरोपियों ने सैप्टिक टैंक में फेंक दिया था। तीन साल के बाद पुलिस को जब यह नर कंकाल मिला को जांच में कत्ल की पूरी गुत्थी सुलझ गई।
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