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पंजाब के कांट्रेक्ट किल्लरों ने किया था कंडाघाट में कत्ल

Thu, 27 Oct 2016 09:21 PM IST
ब्यूरो, सोलन
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कंडाघाट में हुई हत्या के अारोप में ‌ग‌िरफ्तार दो अारोपी पुल‌िस के साथ - फोटो : अमर उजाला
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कंडाघाट में 30 वर्षीय पंजाब के युवक की हत्या के मामले की तहकीकात के दौरान सोलन पुलिस ने दो मर्डर मिस्ट्री सुलझाने में कामयाबी हासिल की है। दूसरा कत्ल पंजाब में हुए एक अन्य वृद्ध कारोबारी का था। टिक्करी मोड़ (कंडाघाट) हत्याकांड में मृतक युवक पंजाब का कुख्यात उद्घोषित अपराधी निकला। ड्रग पैडलिंग और मर्डर के कई मामलों में वह हिस्ट्रीशीटर रहा है।
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अमृतसर के घराटा में एक फर्नीचर के वृद्ध कारोबारी के बेटे से मृतक की गैंग ने सुपारी उठाई थी। 26 और 27 मई को इस गैंग ने वृद्ध कारोबारी की पंजाब में बेरहअममी से हत्या को अंजाम दिया। बाद में पैसे के बंटवारे के चलते गैंग में विवाद हो गया। अमृतसर के वृद्ध कारोबारी को मौत के घाट उतारने वाली गैंग ने अपने ही सरगना का सोलन के कंडाघाट में दराट से बुरी तरह काटकर कत्ल कर दिया और लाश को सड़क पर फेंक दिया।
 
यह जानकारी एएसपी मनमोहन सिंह ने वीरवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दी। उनके साथ डीएसपी विद्याचंद नेगी और मर्डर मिस्ट्री सोल्व करने वाली टीम में एसएचओ कमल दत्त, एएसआई मदन लाल, कांस्टेबल देवेंद्र कुमार, कांस्टेबल अनूप कुमार तथा कांस्टेबल भानू सिंह मौजूद रहे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार कर लिया है।
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यह है पूरा मामला
पंजाब के घराटा में फर्नीचर कारोबारी सुरेंद्र सिंह का उसके अपने ही बेटे मन्नू की शादी और प्रापर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। बेटे ने प्रापर्टी कब्जाने के लिए अपने पिता की मौत की साजिश रची। उसने सुशील नाम के एक कांट्रेक्ट किल्लर से संपर्क किया और मर्डर की डील डन की। सुशील ने अपने गैंग के मुख्य सरगना हैप्पी से संपर्क साधा और एक अन्य साथी मनमीत उर्फ गिन्नी के साथ मिलकर कारोबारी की मौत का ड्राफ्ट तैयार किया।  26 और 27 की रात को गैंग के तीनों युवकों ने वृद्ध कारोबारी की हत्या कर दी।

गैंग में फिर इस तरह पड़ी दरार
बाप के कत्ल के बाद बेटे ने सुपारी की रकम दी और दुबई भाग गया। बताया जा रहा है कि लाखों की इस रकम में शेयर के पीछे तीनों दोस्तों में मनमुटाव हो गया। उसी की गैंग के सुशील और गिन्नी एक तरफ हो गए और हैप्पी एक तरफ। अब दोनों ने हैप्पी को ही ठिकाने लगाने की ठान ली। प्लान बना और हैप्पी को कंडाघाट के टिक्करी के पास खूब शराब पिलाई। शराब के अंदर दवा डालकर उसे बेहोश कर दिया और फिर तेजधार हथियार से उसका कत्ल करके लाश झाड़ियों में फेंक दी।

पुलिस ऐसे पहुंची तह तक
कहते हैं कि कातिल कोई न कोई सुराग हमेशा छोड़ जाता है। इस हत्याकांड में भी ऐसा हुआ। कातिलों ने हैप्पी की हर संभव पहचान नष्ट कर दी। लेकिन उसकी जींस की पॉकेट के अंदर छोटी पॉकेट में रखे सिमकार्ड पर उनकी नजर नहीं पड़ी। लाश की जांच के दौरान सिमकार्ड हिमाचल पुलिस को बरामद हुआ और फिर तहकीकात आरंभ हुई तथा पंजाब पुलिस की मदद से कातिलों तक पहुंची।
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