आरोपी छात्र की मर्सी अपील (दया याचिका) स्वीकार नहीं की जाएगी
बैचलर ऑफ साइंस (बीएस) फाइनल ईयर की छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरे छात्र को एक साल के लिए आईआईटी कानपुर से सस्पेंड कर दिया गया। शैक्षिक सत्र 2016-17 में आरोपी छात्र की मर्सी अपील (दया याचिका) स्वीकार नहीं की जाएगी। इस बीच छात्रा की पढ़ाई पूरी होगी और वह डिग्री हासिल करके निकल जाएगी।
बीएस फाइनल ईयर की छात्रा ने सहपाठी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसका संज्ञान महिला उत्पीड़न सेल ने लिया और आरोपी छात्र को परीक्षा देने से रोक दिया। साथ ही प्रोग्राम से टर्मिनेट करने की सिफारिश कर दी। इस पर बोर्ड ऑफ गवर्नर (बीओजी) और सीनेट की मुहर भी लग गई। इस आदेश को आरोपी छात्र ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने परीक्षा कराने का आदेश भी दे दिया। इसका अनुपालन करके आईआईटी प्रशासन ने सूचना हाईकोर्ट को दी। आईआईटी कानपुर प्रशासन ने हाईकोर्ट से कहा कि आरोपी छात्र के कैंपस में रहने से आरोप लगाने वाली छात्रा असुरक्षित महसूस कर रही है। इसलिए आरोपी को एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया जाए। इस दौरान वहकैंपस से बाहर रहेगा। आईआईटी का यह तर्क हाईकोर्ट ने मान लिया। सूत्रों ने बताया कि इसी महीने हुई सीनेट की मीटिंग में इस कार्रवाई की जानकारी दी गई है। अब आरोपी छात्र शैक्षिक सत्र 2017-18 में मर्सी अपील का आवेदन फार्म भर सकेगा।