लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी का शव पुलिस ने संदिग्ध हालत में बरामद किया है।
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लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी का शव पुलिस ने संदिग्ध हालत में बरामद किया है। शव करीब बीस दिन पुराना बताया जा रहा है। हैरत इस बात की है कि इस कर्मचारी के लापता होने की कोई भी शिकायत पुलिस के पास दर्ज नहीं थी।
एसएचओ हरी भक्त सिंह नेगी ने बताया कि मृतक की शिनाख्त लोनिवि में तैनात बेलदार रूपलाल के तौर पर हुई है। परिजनों के मुताबिक रूपलाल अक्सर बिना बताए अपनी बेटी के घर घुमारवीं जाता रहता था। परिजनों ने इस बार भी यही सोचा था कि वह बेटी के यहां गया होगा। लेकिन शव मिलने के बाद आज गांव में मातम छा गया।
शव दाड़लाघाट के घुमारो चांगरी जंगल में मिला। यह दो हिस्सा में बंटा हुआ था। पुलिस को इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने फोन पर दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कंकाल को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। दाड़लाघाट थाना प्रभारी हरिभक्त नेगी ने बताया कि कंकाल से कुछ ही दूरी पर एक जोड़ी चप्पल, एक पर्स और दवाई भी मिली है। इसमें पर्स के अंदर एटीएम कार्ड और फोटो तथा अन्य सामान भी मिला है। इससे स्थानीय लोगों ने फोटो को देखकर इसकी पुष्टि रूपलाल पुत्र नरोत्तम निवासी टुईरू के रूप में की। घुमारों क्षेत्र की सरस्वती देवी से शादी के बाद वह यहीं घर जवांई बनकर रहता था। लोनिवि में बतौर बेलदार काम करता था।
पुलिस कर रही है छानबीन
डीएसपी नरवीर सिंह राठौर ने बताया कि नर कंकाल करीब 15 से 20 दिन पुराना लग रहा है। कंकाल के करीब से मिले सामान से हरिचंद ने नर कंकाल की पहचान अपने 52 वर्षीय पिता रूपलाल के रूप में की है। पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।